मेरी अदालत में दुर्व्यवहार मत कीजिए, आप चंडीगढ़ में मुझे देख चुके हैं : CJI सूर्यकांत की वकील को कड़ी चेतावनी
सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने एडवोकेट मैथ्यूज नेदुमपरा को लापरवाहीपूर्ण और असंगत टिप्पणियां करने पर कड़ी फटकार लगाई।
उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि अदालत में दुर्व्यवहार जारी रहा तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उल्लेख चरण के दौरान नेदुमपरा ने कॉलेजियम सिस्टम को चुनौती देने और राष्ट्रीय न्यायिक नियुक्ति आयोग को बहाल करने की मांग से जुड़ी एक याचिका का उल्लेख किया।
इस पर चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि ऐसी कोई याचिका रजिस्ट्री में लंबित नहीं है।
इसके बाद नेदुमपरा की टिप्पणी से पीठ असंतुष्ट हो गई।
उन्होंने कहा,
“जब अडानी और अंबानी से जुड़े मामलों के लिए संविधान पीठ गठित की जा रही है तब आम आदमी से जुड़े मामलों की सुनवाई नहीं हो रही।”
यह टिप्पणी सुनकर चीफ जस्टिस स्पष्ट रूप से नाराज दिखाई दिए।
उन्होंने कड़े शब्दों में कहा,
“नेदुमपरा जी, मेरी अदालत में क्या कह रहे हैं सावधान रहिए। आपने मुझे चंडीगढ़ में देखा है। दिल्ली में देखा है। मैं आपको चेतावनी दे रहा हूं, सावधान रहिए। यह मत सोचिए कि अन्य पीठों के साथ जैसा व्यवहार करते रहे हैं वैसा यहां भी जारी रख पाएंगे। मैं आपको आगाह कर रहा हूं।”
गौरतलब है कि वर्ष 2024 में सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री ने नेदुमपरा की इसी मुद्दे पर दायर याचिका को पंजीकृत करने से इनकार कर दिया था।
रजिस्ट्री का कहना था कि जिस विषय पर पहले ही राष्ट्रीय न्यायिक नियुक्ति आयोग संबंधी फैसले में निर्णय हो चुका है। उस पर नई रिट याचिका स्वीकार्य नहीं है।
पिछले वर्ष तत्कालीन चीफ जस्टिस संजीव खन्ना ने भी याचिका सूचीबद्ध कराने के आग्रह पर नेदुमपरा को टोका था।
उस समय उन्होंने कहा था,
“अदालत में राजनीतिक भाषण मत दीजिए।”
ताजा घटनाक्रम के बाद अदालत की कार्यवाही के दौरान अनुशासन और मर्यादा को लेकर स्पष्ट संदेश सामने आया।