रोटोमैक घोटाला मामला : सुप्रीम कोर्ट ने उदय जे देसाई को मेडिकल आधार पर जमानत दी
सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को फ्रॉस्ट इंटरनेशनल लिमिटेड के निदेशक उदय जे देसाई को सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और अन्य संस्थानों के साथ रोटोमैक समूह की कंपनियों द्वारा किए गए 7,500 करोड़ रुपये के वित्तीय धोखाधड़ी के मामले में जमानत दे दी।
न्यायमूर्ति संजय किशन कौल और न्यायमूर्ति हृषिकेश रॉय की पीठ ने मेडिकल आधार पर देसाई को जमानत दी।
गंभीर धोखाधड़ी जांच कार्यालय की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी ने कहा कि उन्हें चिकित्सा आधार पर जमानत दी जा सकती है।
एसएफआईओ की ओर से दी गई रियायत के आधार पर पीठ ने आदेश दिया,
"इस प्रकार हम ट्रायल कोर्ट की संतुष्टि के लिए नियम और शर्तों पर याचिकाकर्ता को नियमित जमानत देते हैं।"
तदनुसार, पीठ ने देसाई द्वारा दायर विशेष अनुमति याचिका का निपटारा कर दिया। इसमें इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा 25 मार्च को जमानत से इनकार करने के आदेश को चुनौती दी गई थी।
उदय को 19 मार्च को एक अन्य निदेशक सुजय देसाई के साथ गिरफ्तार किया गया था। इस मामले में एसएफआईओ द्वारा रोटोमैक समूह और फ्रॉस्ट इंटरनेशनल लिमिटेड की 11 कंपनियों की जांच की जा रही है।
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