जजों के रिहायशी बंगलों में बंदरों का आतंक: सुप्रीम कोर्ट ने 'बंदर भगाने वालों' को रखने के लिए टेंडर जारी किया

Update: 2026-04-02 12:55 GMT

सुप्रीम कोर्ट ने टेंडर नोटिस जारी किया, जिसमें एजेंसियों से अपने जजों के रिहायशी बंगलों में बंदरों के आतंक को रोकने के लिए मैनपावर (कर्मचारी) उपलब्ध कराने के लिए बोलियां आमंत्रित की गईं।

गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस (GeM) पोर्टल के ज़रिए जारी एक नोटिस में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि उसका इरादा खुले बाज़ार से वेंडरों और एजेंसियों से ऑनलाइन बोलियां आमंत्रित करने का है। ये बोलियां ऐसे कर्मचारियों को उपलब्ध कराने के लिए मांगी गईं, जिन्हें "बंदर भगाने वाले/पकड़ने वाले/दूर हटाने वाले (Monkey Scarers)" के तौर पर नियुक्त किया जाएगा। इनका काम जजों के रिहायशी बंगलों, सुप्रीम कोर्ट गेस्ट हाउस और अदालत के अन्य परिसरों से बंदरों को भगाना होगा।

यह नियुक्ति दो साल की अवधि के लिए प्रस्तावित है।

टेंडर दस्तावेज़ के अनुसार, इन कर्मचारियों को जजों के लगभग 35 से 40 रिहायशी बंगलों में तैनात किया जाएगा। ये बंगले भारत के सुप्रीम कोर्ट से लगभग 10 किलोमीटर के दायरे में स्थित हैं। अदालत ने स्पष्ट किया कि अनुबंध की अवधि के दौरान, काम की ज़रूरतों के आधार पर मैनपावर की आवश्यकता बढ़ या घट सकती है।

काम के दायरे में प्रशिक्षित कर्मचारियों को उपलब्ध कराना शामिल है, जो बंदरों को सुरक्षित रूप से दूर भगाएंगे और निर्धारित रिहायशी और संस्थागत परिसरों के भीतर किसी भी तरह की परेशानी या सुरक्षा जोखिम को रोकेंगे।

टेंडर की शर्तें और पात्रता मानदंड अदालत की आधिकारिक वेबसाइट पर देखे जा सकते हैं।

Tags:    

Similar News