देशभर में ICU मानकों पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, राज्यों को कार्ययोजना बनाने का निर्देश

Update: 2026-04-25 07:01 GMT

सुप्रीम कोर्ट ने देशभर में गहन मेडिकल यूनिट्स (ICU) के लिए न्यूनतम मानकों को लागू करने के उद्देश्य से सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को तत्काल कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया। अदालत ने इस पूरी प्रक्रिया के लिए तीन सप्ताह की समयसीमा तय की।

जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्लाह और जस्टिस आर. महादेवन की खंडपीठ ने कहा कि प्रत्येक राज्य और केंद्र शासित प्रदेश के स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के प्रमुख अधिकारी विशेषज्ञों के साथ बैठक कर यथार्थवादी और व्यावहारिक कार्ययोजना तैयार करें।

अदालत ने निर्देश दिया कि सबसे पहले पांच ऐसे बुनियादी मुद्दों की पहचान की जाए, जो ICU की न्यूनतम व्यवस्था के लिए पूर्णतः आवश्यक और अनिवार्य हों। इनमें विशेष रूप से प्रशिक्षित मानव संसाधन, उपकरण और आवश्यक मेडिकल ढांचे को प्राथमिकता दी जाएगी।

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय को भी निर्देश दिया कि गहन मेडिकल सेवाओं के संगठन और संचालन संबंधी विशेषज्ञों द्वारा तैयार दिशानिर्देश सभी राज्यों को परामर्श के रूप में भेजे जाएं और मंत्रालय की वेबसाइट पर भी अपलोड किए जाएं।

अदालत ने कहा कि राज्यों को इन मानकों को जमीन पर लागू करने की व्यावहारिक व्यवस्था तैयार करनी होगी और अनुपालन की निगरानी के लिए तंत्र भी बनाना होगा। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को व्यक्तिगत रूप से बैठकों में शामिल होने को कहा गया।

राज्य स्तर की कार्यवाही पूरी होने के बाद सभी रिपोर्ट केंद्र सरकार के स्वास्थ्य सचिव को भेजी जाएंगी। इसके बाद केंद्र स्तर पर संयुक्त बैठक कर एक समान राष्ट्रीय प्रारूप तैयार किया जाएगा, जिसे अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।

सुनवाई के दौरान विशेषज्ञों ने सुझाव दिया कि ICU में काम करने वाले कर्मचारियों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाए, मानक संचालन प्रक्रिया तैयार की जाए और मरीजों के लिए नजदीकी अस्पताल खोजने हेतु जीपीएस आधारित प्रणाली विकसित की जाए।

नर्सिंग स्टाफ के प्रशिक्षण को लेकर भी अदालत ने गंभीरता दिखाई और भारतीय नर्सिंग परिषद तथा पैरा मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया को पक्षकार बनाते हुए नोटिस जारी किया। अदालत ने उनसे अगली सुनवाई तक यह बताने को कहा कि ICU परिस्थितियों के लिए प्रशिक्षण और पाठ्यक्रम को कैसे मजबूत किया जाएगा।

मामले की अगली सुनवाई 18 मई 2026 को होगी।

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