BREAKING | विजय अभिनीत जना नायकन फिल्म पर हाइकोर्ट की रोक का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा
तमिल एक्टर विजय की फिल्म 'जना नायकन' के निर्माता ने केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) से प्रमाणपत्र जारी करने के आदेश पर मद्रास हाइकोर्ट द्वारा लगाई गई रोक को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया।
फिल्म के निर्माता केवीएन प्रोडक्शंस एलएलपी ने शुक्रवार को मद्रास हाइकोर्ट की खंडपीठ के अंतरिम आदेश के खिलाफ विशेष अनुमति याचिका (SLP) दायर की। खंडपीठ ने एकल पीठ द्वारा CBFC को फिल्म को तत्काल प्रमाणपत्र जारी करने के निर्देश पर रोक लगा दी थी।
यह फिल्म एक्टर विजय की बतौर एक्टर आखिरी फिल्म बताई जा रही है। विजय ने हाल ही में सक्रिय राजनीति में कदम रखते हुए अपनी पार्टी तमिलगा वेत्रि कझगम (TVK) का गठन किया। फिल्म को 9 जनवरी को पोंगल के अवसर पर रिलीज किया जाना था।
विवाद की पृष्ठभूमि
दिसंबर 2025 में फिल्म को प्रमाणन के लिए CBFC के समक्ष प्रस्तुत किया गया। चेन्नई क्षेत्रीय कार्यालय की परीक्षण समिति ने कुछ संशोधनों के साथ फिल्म को यू/ए 16+ प्रमाणपत्र देने की सिफारिश की थी। निर्माता द्वारा सुझाए गए संशोधन स्वीकार कर 24 दिसंबर 2025 को फिल्म का संशोधित संस्करण जमा किया गया।
29 दिसंबर, 2025 को CBFC के चेन्नई कार्यालय ने सूचित किया कि संशोधित संस्करण को प्रमाणित किया जाएगा। हालांकि, तकनीकी कारणों से फिल्म का अंतिम अपलोड समय पर नहीं हो सका, जिसकी जानकारी CBFC को दी गई थी।
इसके बाद 5 जनवरी, 2026 को निर्माताओं को सूचित किया गया कि CBFC की चेयरपर्सन ने फिल्म की विषयवस्तु को लेकर मिली एक शिकायत के आधार पर इसे नियम 24 के तहत पुनरीक्षण समिति (रिवाइजिंग कमेटी) के पास भेजने का निर्णय लिया। यह शिकायत उसी परीक्षण समिति के एक सदस्य द्वारा की गई, जिसने पहले फिल्म को प्रमाणन के लिए मंजूरी दी थी। चेयरपर्सन का आदेश 6 जनवरी को अपलोड किया गया।
हाइकोर्ट की कार्यवाही
निर्माताओं ने इस निर्णय को चुनौती देते हुए मद्रास हाइकोर्ट में याचिका दायर की। 9 जनवरी को जस्टिस पी.टी. आशा की एकल पीठ ने याचिका स्वीकार करते हुए CBFC को तत्काल प्रमाणपत्र जारी करने का निर्देश दिया। कोर्ट ने कहा कि परीक्षण समिति की सिफारिश स्वीकार किए जाने के बाद चेयरपर्सन द्वारा स्वयं संज्ञान लेकर फिल्म को पुनरीक्षण समिति को भेजना टिकाऊ नहीं है।
एकल पीठ ने यह भी टिप्पणी की कि परीक्षण समिति के सदस्य द्वारा बाद में शिकायत दर्ज करना एक खतरनाक प्रवृत्ति को जन्म दे सकता है, जिससे समिति के निर्णय की गरिमा प्रभावित होगी।
हालांकि, उसी दिन CBFC ने खंडपीठ के समक्ष तत्काल अपील दायर की।
चीफ जस्टिस मनिंदर मोहन श्रीवास्तव और जस्टिस जी. अरुल मुरुगन की खंडपीठ ने सिंगल बेंच के आदेश पर रोक लगाई और मामले की अगली सुनवाई 20 जनवरी को तय की।
खंडपीठ ने यह भी कहा कि चेयरपर्सन के 6 जनवरी के आदेश को मूल याचिका में चुनौती नहीं दी गई। इसके अलावा, कोर्ट ने इस बात पर भी सवाल उठाया कि जब फिल्म को अभी CBFC की मंजूरी नहीं मिली थी, तो निर्माता ने 9 जनवरी को रिलीज की तारीख क्यों घोषित की।
अब इस पूरे विवाद पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होने की संभावना है, जिससे यह तय होगा कि फिल्म जना नायकन को प्रमाणन और रिलीज को लेकर आगे क्या दिशा मिलती है।