केरल हाईकोर्ट ने सोमवार को माना कि नेशनल थर्मल पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (एनटीपीसी) में असिस्टेंट लॉ ऑफिसर के पद पर आवेदन करने के लिए आवेदकों को CLAT PG टेस्ट पास करने की लिए अनिवार्य शर्त वैध है।
जस्टिस एके जयशंकरन नांबियार और जस्टिस मोहम्मद नियास सी.पी. की खंडपीठ ने इस प्रकार एकल न्यायाधीश के निर्णय के खिलाफ एनटीपीसी द्वारा दायर अपील की अनुमति दी। खंडपीठ ने कहा कि ऐसी स्थिति भारत के संविधान के अनुच्छेद 16 का उल्लंघन है। तदनुसार, एकल न्यायाधीश के निर्णय को रद्द किया गया।
रिट याचिकाकर्ता ने दलील दी कि परीक्षा से पहले आधिकारिक अधिसूचना जारी की जानी चाहिए थी, जिसमें कहा जाना चाहिए था कि CLAT स्कोर पर विचार किया जाएगा। अदालत ने इस दलील को यह कहते हुए खारिज कर दिया था कि यह शर्त पहले से ही सार्वजनिक डोमेन में थी और यह 2016 से प्रचलित है।
एकल न्यायाधीश का यह निर्णय एनटीपीसी में असिस्टेंट लॉ ऑफिसर के पद के इच्छुक और बौद्धिक संपदा अधिकारों में विशेषज्ञता के साथ सीयूएसएटी में एलएलएम छात्र द्वारा दायर याचिका में आया। याचिकाकर्ता ने 70% के औसत स्कोर के साथ एलएलबी पूरा किया और अपने अकाउंट में कई अकादमिक प्रशंसा पाने का दावा किया, इसलिए एनटीपीसी में असिस्टेंट लॉ ऑफिसर के पद के लिए आवेदन करने के लिए योग्य है।
हालाँकि, निगम द्वारा जारी अधिसूचना में कहा गया कि उम्मीदवार को पद के लिए CLAT-2021 के लिए उपस्थित होना चाहिए और उक्त परीक्षा में रैंकिंग के आधार पर उन्हें शॉर्टलिस्ट किया जाएगा। एकल न्यायाधीश ने माना कि केवल CLAT-2021 पीजी प्रोग्राम के लिए उपस्थित होने वाले उम्मीदवारों के लिए चयन प्रक्रिया को सीमित करने वाली अधिसूचना अप्रत्यक्ष भेदभाव के बराबर है।
फिर भी, पूरी चयन प्रक्रिया को परेशान करने से बचने के लिए एकल न्यायाधीश ने एनटीपीसी को याचिकाकर्ता के आवेदन को स्वीकार करने और चयन प्रक्रिया के माध्यम से उसकी पात्रता का परीक्षण करने का निर्देश दिया।
मामला जब सुनवाई के लिए आया तो बेंच ने कहा कि CLAT मंजूरी के आधार पर चयन स्थापित प्रथा है। कोर्ट ने यह भी इंगित किया कि 2016 में NTPC में पिछली भर्ती भी उसी चयन प्रक्रिया के माध्यम से की गई थी और याचिकाकर्ता को यह जानना चाहिए।
एडवोकेट आदर्श त्रिपाठी, विक्रम सिंह और अजितेश गर्ग की सहायता से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता एनटीपीसी की ओर से पेश हुए जबकि रिट याचिकाकर्ताओं का प्रतिनिधित्व एडवोकेट मैत्रेयी एस. हेगड़े ने किया।
केस टाइटल: एनटीपीसी बनाम ऐश्वर्या मोहन
साइटेशन: 2022 लाइव लॉ (केरल) 376