2013 रेप केस में सीनियर जर्नालिस्ट तरुण तेजपाल को 10 साल की सजा, बॉम्बे हाईकोर्ट का फैसला

Update: 2026-08-06 10:34 GMT

बॉम्बे हाईकोर्ट की गोवा बेंच ने गुरुवार (6 अगस्त) को पत्रकार तरुण तेजपाल को रेप केस में 10 साल की कठोर कैद की सज़ा सुनाई। यह मामला नवंबर 2013 में उनकी एक जूनियर सहयोगी ने दर्ज कराया था।

यह सज़ा IPC की धारा 376(2)(f) (भरोसे या अधिकार वाले रिश्ते में किसी व्यक्ति द्वारा किया गया गंभीर रेप) और 376(2)(k) (पीड़िता पर नियंत्रण या दबदबे की स्थिति में किसी व्यक्ति द्वारा किया गया गंभीर रेप) के तहत सुनाई गई।

इन अपराधों के लिए कम से कम 10 साल की सज़ा का प्रावधान है।

जस्टिस डॉ. नीला गोखले और जस्टिस अमित जामसांडेकर की डिवीज़न बेंच ने उन्हें IPC की धारा 354A (यौन उत्पीड़न) के तहत एक साल और धारा 354B (कपड़े उतारने के इरादे से महिला पर हमला या आपराधिक बल का इस्तेमाल) के तहत दो साल की सज़ा भी सुनाई।

धारा 376 (2) (f) के तहत अपराध के लिए कोर्ट ने तेजपाल को 10 साल की कठोर कैद (RI) और 5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया।

धारा 376 (2) (k) के तहत अपराध के लिए तेजपाल को 10 साल की कठोर कैद और 5 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया।

धारा 354 (a) के तहत अपराध के लिए तेजपाल को 1 साल की कठोर कैद और धारा 354 (b) के तहत अपराध के लिए, उन्हें 3 साल की कठोर कैद और 10,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया। धारा 341 और 342 के तहत अपराधों के लिए, तेजपाल पर कुल 1,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया।

सभी सज़ाएं एक साथ चलेंगी।

इससे पहले आज कोर्ट ने मापुसा की सेशंस कोर्ट का वह फ़ैसला रद्द किया, जिसमें तहलका मैगज़ीन के पूर्व एडिटर-इन-चीफ़ को बरी किया था। इस तरह कोर्ट ने गोवा सरकार की अपील को मंज़ूरी दी।

फ़ैसले की विस्तृत कॉपी अभी उपलब्ध नहीं है। मापुसा कोर्ट की स्पेशल जज क्षमा जोशी ने मई 2021 में तेजपाल को उनकी एक जूनियर सहयोगी के साथ कथित यौन उत्पीड़न और रेप के मामले में सभी आरोपों से बरी कर दिया था। कोर्ट ने पाया कि पीड़ित महिला द्वारा तेजपाल पर लगाए गए आरोपों की पुष्टि के लिए रिकॉर्ड पर कोई ठोस सबूत नहीं था।

गौरतलब है कि पीड़ित महिला ने 18 नवंबर 2013 को तहलका की तत्कालीन मैनेजिंग एडिटर और जानी-मानी पत्रकार शोमा चौधरी से शिकायत की थी। अगले दिन, तेजपाल ने पीड़ित महिला को एक लंबा ईमेल भेजकर औपचारिक रूप से माफ़ी मांगी। उन्होंने लिखा, "मैं अपनी उस शर्मनाक हरकत के लिए बिना किसी शर्त के माफ़ी मांगता हूं, जिसके तहत मैंने 7 और 8 नवंबर 2013 को दो बार आपके साथ यौन संबंध बनाने की कोशिश की, जबकि आपने साफ़ तौर पर ज़ाहिर किया था कि आप मुझसे इस तरह का व्यवहार नहीं चाहती थीं।"

Case Title: State of Goa vs Tarunjit Tejpal (CRIA/16/2022)

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