NCLT आदेश पर हाईकोर्ट की रोक, इलाहाबाद में दाखिल मामलों की जांच अब वहीं होगी
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने NCLT के प्रधान पीठ नई दिल्ली के उस आदेश पर आंशिक रोक लगाई, जिसमें इलाहाबाद पीठ में दाखिल याचिकाओं और आवेदनों की संयुक्त जांच का निर्देश दिया गया था।
जस्टिस अजीत कुमार और जस्टिस इंद्रजीत शुक्ला की खंडपीठ ने केंद्र सरकार के वकील द्वारा निर्देश लेने के लिए चार सप्ताह का समय मांगे जाने के बीच यह स्पष्ट किया कि इलाहाबाद में दाखिल याचिकाओं की जांच केवल वहीं की रजिस्ट्री द्वारा की जाएगी।
यह मामला कंपनी लॉ बार एसोसिएशन द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान सामने आया। याचिका में 27 फरवरी, 2026 को जारी उस सार्वजनिक सूचना को चुनौती दी गई, जिसमें राष्ट्रीय कंपनी विधि अधिकरण (NCLT) की प्रधान पीठ नई दिल्ली के रजिस्ट्रार ने निर्देश दिया कि इलाहाबाद पीठ में दाखिल मामलों की जांच संयुक्त रूप से की जाएगी।
याचिकाकर्ताओं का कहना था कि इस आदेश के कारण भौतिक रूप से दस्तावेज इलाहाबाद में दाखिल किए जा रहे थे, जबकि ऑनलाइन फाइलिंग नई दिल्ली की प्रधान पीठ में हो रही थी। इसके चलते फरवरी से ही प्रधान पीठ की रजिस्ट्री द्वारा फाइलों में बार-बार आपत्तियां लगाई जा रही थीं और खामियों को दूर नहीं किया जा रहा था।
यह भी दलील दी गई कि इस व्यवस्था में केवल इलाहाबाद पीठ को ही निशाना बनाया गया।
सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने प्रतिवादी पक्ष से सवाल किया कि जब याचिकाएं इलाहाबाद में दाखिल हो रही हैं, तो उनकी जांच किसी अन्य पीठ द्वारा क्यों की जानी चाहिए।
मामले की अगली सुनवाई बाद में निर्धारित की जाएगी।