रायबरेली बार एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष पद का चुनाव एक सप्ताह टला, मतदाता सूची से नाम हटाने पर आपत्ति की जांच के आदेश

Update: 2026-07-27 10:17 GMT

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने रायबरेली सिविल कोर्ट स्थित केंद्रीय बार एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष पद का चुनाव एक सप्ताह के लिए स्थगित किया। साथ ही एल्डर्स कमेटी को निर्देश दिया कि मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के खिलाफ एक अधिवक्ता की आपत्ति पर सुनवाई कर कानून के अनुसार निर्णय लिया जाए।

जस्टिस शेखर बी. सराफ और जस्टिस अब्देश कुमार चौधरी की खंडपीठ ने यह आदेश अधिवक्ता आनंद कुमार गुप्ता की याचिका पर सुनवाई करते हुए पारित किया।

याचिकाकर्ता का कहना था कि वह वर्ष 2008 से बार एसोसिएशन के आजीवन सदस्य हैं। निवर्तमान कार्यकारिणी ने उनका नाम पात्र सदस्यों की सूची में एल्डर्स कमेटी को भेजा था, लेकिन बिना कोई अवसर दिए उनका नाम पहले अस्थायी और फिर अंतिम मतदाता सूची से हटा दिया गया।

उन्होंने दलील दी कि मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के कारण वह कोषाध्यक्ष पद का चुनाव लड़ने से वंचित हो गए।

सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने कहा कि इस बात को लेकर कोई विवाद नहीं है कि याचिकाकर्ता उत्तर प्रदेश बार काउंसिल में पंजीकृत अधिवक्ता हैं और बार एसोसिएशन के आजीवन सदस्य भी हैं।

अदालत ने चुनाव कार्यक्रम का भी उल्लेख किया। अंतिम मतदाता सूची 15 जुलाई को प्रकाशित हुई, 16 जुलाई को नामांकन पत्र वितरित किए गए, 17 जुलाई को उनकी जांच हुई और 25 जुलाई को मतदान निर्धारित था।

हालांकि, हाईकोर्ट ने कहा कि चुनाव प्रक्रिया अंतिम चरण में होने के कारण उसे रोका नहीं जा सकता, लेकिन मतदाता सूची को अंतिम रूप देने में दिखाई गई असामान्य जल्दबाजी पर अदालत ने ध्यान दिया।

अदालत ने कहा,

"हम इस सिद्धांत से परिचित हैं कि चुनाव प्रक्रिया को इस अंतिम चरण में नहीं रोका जा सकता। हालांकि, मतदाता सूची को अंतिम रूप देने में दिखाई गई अत्यधिक जल्दबाजी पर ध्यान देना आवश्यक है।"

हाईकोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि वह इस स्तर पर यह टिप्पणी नहीं कर रहा है कि चुनाव प्रक्रिया में जल्दबाजी हुई या याचिकाकर्ता का नाम बिना पर्याप्त अवसर दिए हटाया गया। इन सभी पहलुओं पर सक्षम प्राधिकारी विचार करेगा।

सुनवाई के दौरान बार एसोसिएशन की ओर से कहा गया कि यदि याचिकाकर्ता पिछले दो वर्षों की चार वकालतनामों के साथ अपनी आपत्ति प्रस्तुत करते हैं तो एल्डर्स कमेटी नियमों के अनुसार उस पर विचार करेगी।

इस आश्वासन को रिकॉर्ड पर लेते हुए हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता को दो दिन के भीतर अपनी आपत्ति दाखिल करने की अनुमति दी। साथ ही, एल्डर्स कमेटी को निर्देश दिया कि वह याचिकाकर्ता को सुनवाई का अवसर देकर कारणयुक्त आदेश पारित करे।

अदालत ने चुनाव की अन्य प्रक्रियाओं को जारी रखने की अनुमति दी, लेकिन कोषाध्यक्ष पद का चुनाव एक सप्ताह के लिए स्थगित करने का निर्देश दिया।

हाईकोर्ट ने यह भी कहा कि यदि एल्डर्स कमेटी याचिकाकर्ता की आपत्ति स्वीकार कर उन्हें पात्र मानती है तो उन्हें नामांकन पत्र दाखिल करने और कोषाध्यक्ष पद का चुनाव लड़ने का अवसर दिया जाएगा।

अंत में अदालत ने स्पष्ट किया कि यह आदेश इस मामले की विशेष परिस्थितियों और पक्षकारों की सहमति को ध्यान में रखते हुए पारित किया गया। इसे किसी अन्य मामले में नजीर के रूप में नहीं माना जाएगा।

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