सरकारी शिक्षकों को चुनाव संबंधी कार्यों के लिए BLO के रूप में तैनात किया जा सकता है: इलाहाबाद हाईकोर्ट
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि सरकारी शिक्षकों को चुनाव संबंधी कार्यों के लिए 'बूथ लेवल ऑफिसर' (BLO) के रूप में तैनात किया जा सकता है। इसमें मतदाता सूची (इलेक्टोरल रोल) तैयार करने, उसमें संशोधन करने और सुधार करने से जुड़े काम भी शामिल हैं।
जस्टिस विनोद दिवाकर की पीठ ने 'बच्चों के लिए मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009' (RTE Act) की धारा 27 का हवाला दिया। यह धारा स्पष्ट रूप से शिक्षकों को चुनाव संबंधी कार्यों में लगाने की अनुमति देती है और BLO के रूप में काम करना भी इसी अपवाद के दायरे में आता है।
इसके साथ ही अदालत ने 5 सहायक शिक्षकों द्वारा दायर वह याचिका खारिज किया, जिसमें उन्होंने BLO के रूप में अपनी तैनाती को चुनौती दी थी।
याचिकाकर्ताओं का तर्क था कि उनकी तैनाती संविधान के अनुच्छेद 21-A का उल्लंघन है, लेकिन पीठ ने इसे खारिज किया। खंडपीठ ने कहा कि याचिकाकर्ता यह साबित नहीं कर पाए कि BLO के रूप में काम करने से उनके शिक्षण कार्यों या बच्चों की शिक्षा पर कोई बुरा असर पड़ा है।
संक्षेप में मामला
यह याचिका सहारनपुर के जूनियर/सीनियर बेसिक स्कूलों में काम करने वाले 5 सहायक शिक्षकों ने दायर की। उन्होंने अधिकारियों से मांग की थी कि उन्हें BLO के कार्यों से मुक्त किया जाए और उनके शिक्षण कार्यों में कोई दखल न दिया जाए।
उनका तर्क था कि उनकी सेवा शर्तों में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है, जिसके तहत उन्हें BLO के काम सौंपे जा सकें।
उन्होंने यह भी दलील दी कि ऐसी तैनाती संविधान के अनुच्छेद 21-A, RTE Act और उसके तहत बने नियमों के खिलाफ है, क्योंकि इससे शिक्षक अपने मुख्य काम—यानी बच्चों को पढ़ाने—से भटक जाते हैं।
याचिका में कोई दम न पाते हुए अदालत ने कहा कि मतदाता सूची तैयार करना और उसमें संशोधन करना 'जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950' (Representation of the People Act, 1950) के तहत एक कानूनी कार्य है।
अदालत ने यह भी कहा कि संविधान का अनुच्छेद 324 चुनावों की देखरेख, निर्देशन और नियंत्रण का अधिकार भारत निर्वाचन आयोग (Election Commission of India) को देता है। अदालत ने 1950 के अधिनियम की धारा 13CC का भी हवाला दिया, जिसके तहत राज्य सरकार और स्थानीय प्राधिकरणों के वे अधिकारी और कर्मचारी, जो मतदाता सूची तैयार करने, उसमें संशोधन करने या सुधार करने के काम में लगे होते हैं, उन्हें उस अवधि के लिए चुनाव आयोग में प्रतिनियुक्ति (Deputation) पर माना जाता है।
पीठ ने गौर किया कि RTE Act की धारा 27 स्पष्ट रूप से शिक्षकों को चुनाव संबंधी कार्यों में तैनात करने की अनुमति देती है, और BLO के कार्य भी इसी अपवाद के दायरे में आते हैं।
इसलिए याचिका पर विचार करने का कोई आधार न पाते हुए हाईकोर्ट ने इसे खारिज किया।
Case Title : Azra Parveen And 4 Others vs. State Of U.P. And 3 Others 2026 LiveLaw (AB) 931