इलाहाबाद हाईकोर्ट ने वायु गुणवत्ता प्रबंधन अधिनियम के तहत शिकायत में रिलायंस बायो एनर्जी को दी अंतरिम राहत
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 'राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और आसपास के क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग अधिनियम, 2021' के तहत दायर एक शिकायत मामले में रिलायंस बायो एनर्जी को अंतरिम राहत दी।
रिलायंस बायो एनर्जी, रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड की एक सहायक कंपनी है, जो कृषि अपशिष्ट (पराली) का उपयोग करके पूरे भारत में कंप्रेस्ड बायोगैस प्लांट स्थापित करने की प्रक्रिया में है।
एक फ्लाइंग स्क्वाड द्वारा निरीक्षण किए जाने के बाद रामपुर, जिला-हापुड़ के चिताउली गांव में स्थित एक यूनिट के संबंध में अधिनियम की धारा 14(2) के तहत कंपनी के निदेशक को समन जारी किया गया।
कंपनी ने कोर्ट को बताया कि उन पर 2,70,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया, जिसे UP प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के खाते में जमा कर दिया गया। इसके बाद उन्हें समय-समय पर जारी किए गए निर्देशों का कड़ाई से पालन करने की शर्त पर यूनिट चलाने की अनुमति दी गई।
हालांकि, इसके बाद यूपी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (UPPCB), गाजियाबाद के क्षेत्रीय कार्यालय के सहायक पर्यावरण अभियंता द्वारा 'दुर्भावनापूर्ण इरादे' से यह शिकायत दायर की गई।
यह देखते हुए कि इस मामले पर विचार-विमर्श की आवश्यकता है, प्रतिवादी को नोटिस जारी करते हुए जस्टिस दीपक वर्मा ने टिप्पणी की:
“मामले की अगली सुनवाई की तारीख तक शिकायत मामला संख्या 5087/2025 (उत्तर प्रदेश राज्य बनाम रिलायंस बायो एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड) में आवेदक के खिलाफ आगे की कार्यवाही, जो 'राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और आसपास के क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग अधिनियम, 2021' की धारा 14(2) के तहत हाफिजपुर पुलिस स्टेशन, जिला हापुड़ में दर्ज है, पर रोक रहेगी।”
Case Title: Reliance Bio Energy Limited Through Its Authorized Representative Namely Gopesh Kumar Sharma Versus State of U.P. and Another