ब्रिटिश नागरिकता विवाद | इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गृह मंत्रालय के 2019 के राहुल गांधी को दिए नोटिस का पूरा रिकॉर्ड तलब किया

Shahadat

11 March 2026 10:27 PM IST

  • ब्रिटिश नागरिकता विवाद | इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गृह मंत्रालय के 2019 के राहुल गांधी को दिए नोटिस का पूरा रिकॉर्ड तलब किया

    इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सोमवार को लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को गृह मंत्रालय (MHA) द्वारा 2019 में जारी किए गए नोटिस से जुड़ा पूरा रिकॉर्ड तलब किया।

    बता दें, BJP सांसद सुब्रमण्यम स्वामी की शिकायत के बाद MHA ने 29 अप्रैल, 2019 को गांधी से उनकी नागरिकता के संबंध में "तथ्यात्मक स्थिति" बताने को कहा था। अपनी 2015 की शिकायत में डॉ. स्वामी ने आरोप लगाया कि गांधी एक ब्रिटिश नागरिक हैं।

    जस्टिस राजीव सिंह की बेंच ने कर्नाटक भारतीय जनता पार्टी (BJP) सदस्य एस. विग्नेश शिशिर द्वारा दायर एक याचिका पर सुनवाई करते हुए ये रिकॉर्ड तलब किए। इस याचिका में लखनऊ कोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी गई, जिसमें कोर्ट ने गांधी की कथित ब्रिटिश नागरिकता को लेकर उनके खिलाफ FIR दर्ज करने का निर्देश देने से इनकार किया था।

    हाईकोर्ट के सामने शिशिर ने दलील दी कि गांधी यूके के नागरिक हैं और उन्होंने M/s Backops Ltd. नाम की एक कंपनी बनाई थी, जो अगस्त 2003 में रजिस्टर्ड हुई थी।

    आगे यह भी कहा गया कि गांधी ने साफ तौर पर माना था और अपनी नागरिकता स्वेच्छा से ब्रिटिश घोषित की थी, और उनके पास डायरेक्टर आइडेंटिफिकेशन ID के साथ-साथ लंदन और हैम्पशायर के पते भी थे।

    यह भी दावा किया गया कि गांधी ने अक्टूबर, 2005 और अक्टूबर, 2006 में कंपनी के सालाना रिटर्न जमा किए, जिनमें उन्होंने अपनी नागरिकता ब्रिटिश बताई। इसके बाद फरवरी, 2009 में कंपनी को भंग करने का आवेदन देकर उक्त कंपनी को भंग कर दिया गया।

    इसके अलावा, यह भी कहा गया कि गांधी ने 2004 का लोकसभा चुनाव लड़ा था, जिसमें उन्होंने M/s Backops Ltd. के मालिकाना हक और यूके के लंदन स्थित बार्कलेज बैंक में अपने विदेशी बैंक खाते की बात मानी थी और उसका खुलासा किया।

    शिशिर ने आगे तर्क दिया कि गांधी पर विदेशी अधिनियम, पासपोर्ट अधिनियम और यहां तक ​​कि शासकीय गोपनीयता अधिनियम के तहत भी आरोप लगाए जाने चाहिए।

    इन सभी दलीलों और इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए कि अप्रैल, 2019 में गांधी को एक नोटिस जारी किया गया था, बेंच ने भारत सरकार के वकील को उस नोटिस का पूरा रिकॉर्ड पेश करने का निर्देश दिया।

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