यूपी में बढ़ते बंदर आतंक पर इलाहाबाद हाईकोर्ट सख्त, 13 सदस्यीय हाई पावर्ड कमेटी को तत्काल कार्रवाई के निर्देश

  • यूपी में बढ़ते बंदर आतंक पर इलाहाबाद हाईकोर्ट सख्त, 13 सदस्यीय हाई पावर्ड कमेटी को तत्काल कार्रवाई के निर्देश

    इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश में बढ़ते बंदर आतंक (Monkey Menace) से निपटने के लिए गठित 13 सदस्यीय हाई पावर्ड कमेटी को तत्काल प्रभाव से काम करने का निर्देश दिया है। अदालत ने कहा कि समिति नियमित बैठकें करे और सिर्फ कागजों तक सीमित न रहे।

    चीफ़ जस्टिस अरुण भंसाली और जस्टिस क्षितिज शैलेन्द्र की खंडपीठ एक जनहित याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें बंदरों के बढ़ते आतंक को नियंत्रित करने और मानव-बंदर संघर्ष कम करने की मांग की गई है।

    राज्य सरकार ने अदालत को बताया कि 15 जुलाई 2026 को समिति का गठन किया जा चुका है। साथ ही, शहरी क्षेत्रों से बंदरों को पकड़कर सुरक्षित स्थानों पर छोड़ने का कार्य जारी है और वाइल्डलाइफ इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (WII) से दीर्घकालिक तथा अल्पकालिक रणनीति तैयार करने को कहा गया है।

    इन तथ्यों पर गौर करते हुए हाईकोर्ट ने कहा कि समिति याचिकाकर्ताओं की कार्ययोजना पर जल्द निर्णय ले और प्रभावी कदम उठाए। अदालत ने राज्य सरकार को अगली सुनवाई पर समिति की बैठकों की कार्यवाही और प्रगति रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया।

    यह मामला मई 2025 से लंबित है। इससे पहले भी हाईकोर्ट राज्य सरकार की निष्क्रियता पर नाराजगी जता चुका है। मामले की अगली सुनवाई 1 सितंबर 2026 को होगी।

    Praveen Mishra

    प्रवीण मिश्रा Law Graduate हैं और लाइव लॉ हिंदी से जुड़े हैं। वे सुप्रीम कोर्ट, उच्च न्यायालयों, उपभोक्ता आयोगों और अन्य न्यायिक मंचों के महत्वपूर्ण फैसलों एवं कानूनी घटनाक्रमों पर लेखन करते हैं। उनका उद्देश्य जटिल कानूनी विषयों और न्यायिक निर्णयों को सरल, सटीक और तथ्यपरक भाषा में हिंदी पाठकों तक पहुंचाना है।

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