मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण और DNLU के बीच एमओयू, मध्यस्थता प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम शुरू

Praveen Mishra

24 Jun 2026 1:40 AM IST

  • मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण और DNLU के बीच एमओयू, मध्यस्थता प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम शुरू

    वैकल्पिक विवाद निवारण (ADR) को संस्थागत रूप से मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (MPSLSA) और धर्मशास्त्र राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय (DNLU), जबलपुर ने सोमवार को एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए। इसके साथ ही दोनों संस्थानों ने संयुक्त रूप से तीन माह की अवधि वाले “मध्यस्थता: विवाद से सहमति की ओर” शीर्षक प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम का शुभारंभ किया।

    कार्यक्रम का उद्घाटन मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति विवेक रूसिया ने किया। इस अवसर पर उच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति आनंद पाठक और न्यायमूर्ति विवेक अग्रवाल भी उपस्थित रहे।

    अपने संबोधन में न्यायमूर्ति रूसिया ने कहा कि मध्यस्थता न्यायालयों में लंबित मामलों का बोझ कम करने और संवाद एवं सहमति के माध्यम से विवादों के समाधान का प्रभावी साधन है। उन्होंने इस पहल को विधिक शिक्षा और विवाद निवारण व्यवस्था में मध्यस्थता को मुख्यधारा में लाने का सार्थक प्रयास बताया।

    एमओयू पर डीएनएलयू के कुलपति प्रो. (डॉ.) मनोज कुमार सिन्हा और मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण की सदस्य सचिव सुमन श्रीवास्तव ने हस्ताक्षर किए। इस सहयोग का उद्देश्य मध्यस्थता को शांतिपूर्ण एवं समुदाय-केंद्रित विवाद समाधान के प्रभावी माध्यम के रूप में बढ़ावा देना है।

    यह 240 घंटे का व्यापक पाठ्यक्रम सुप्रीम कोर्ट की मेडिएशन एंड कंसिलिएशन प्रोजेक्ट कमेटी (MCPC) द्वारा मान्यता प्राप्त है। पाठ्यक्रम में मध्यस्थता अधिनियम, 2023, विवादों का मनोविज्ञान, संचार कौशल, वार्ता तकनीक और व्यावसायिक नैतिकता जैसे विषय शामिल होंगे। साथ ही प्रतिभागियों को व्यावहारिक प्रशिक्षण, रोल-प्ले और न्यायालय-संबद्ध एवं सामुदायिक मध्यस्थता कार्यवाहियों का प्रत्यक्ष अनुभव भी दिया जाएगा।

    पाठ्यक्रम की एक विशेषता 40 घंटे का विशेष मध्यस्थता प्रशिक्षण मॉड्यूल है, जिसका संचालन एमसीपीसी द्वारा नामित प्रशिक्षकों और वरिष्ठ विशेषज्ञों द्वारा किया जाएगा। पाठ्यक्रम पूरा करने वाले प्रतिभागी विधिक सेवा संस्थाओं के साथ पैनल में शामिल होकर मध्यस्थता प्रक्रिया में सक्रिय भूमिका निभा सकेंगे।

    यह पाठ्यक्रम ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से संचालित किया जाएगा। इसका पहला बैच अगस्त 2026 से शुरू होने का प्रस्ताव है। कार्यक्रम अधिवक्ताओं, न्यायिक अधिकारियों, विधि छात्रों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, गैर-सरकारी संगठनों के प्रतिनिधियों, लोक सेवकों और अन्य इच्छुक पेशेवरों के लिए खुला रहेगा।

    Praveen Mishra

    Praveen Mishra

    प्रवीण मिश्रा Law Graduate हैं और लाइव लॉ हिंदी से जुड़े हैं। वे सुप्रीम कोर्ट, उच्च न्यायालयों, उपभोक्ता आयोगों और अन्य न्यायिक मंचों के महत्वपूर्ण फैसलों एवं कानूनी घटनाक्रमों पर लेखन करते हैं। उनका उद्देश्य जटिल कानूनी विषयों और न्यायिक निर्णयों को सरल, सटीक और तथ्यपरक भाषा में हिंदी पाठकों तक पहुंचाना है।

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