मध्य प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण ने पैरालीगल वॉलंटियर्स के लिए ऑनलाइन प्रशिक्षण आयोजित किया

Praveen Mishra

28 March 2026 12:53 PM IST

  • मध्य प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण ने पैरालीगल वॉलंटियर्स के लिए ऑनलाइन प्रशिक्षण आयोजित किया

    मध्य प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (MPSLSA) ने 25 मार्च 2026 को राज्यभर के पैरालीगल वॉलंटियर्स (PLVs) के लिए एक दिवसीय ऑनलाइन प्रशिक्षण कार्यक्रम सफलतापूर्वक आयोजित किया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य जमीनी स्तर पर न्याय तक पहुंच को मजबूत करना और वॉलंटियर्स की कार्यक्षमता बढ़ाना था।

    यह कार्यक्रम मुख्य न्यायाधीश एवं प्राधिकरण के मुख्य संरक्षक के मार्गदर्शन में तथा कार्यकारी अध्यक्ष के नेतृत्व में आयोजित किया गया, जिसमें राज्य के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में प्रतिभागियों ने वर्चुअल माध्यम से हिस्सा लिया।

    कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में सदस्य सचिव ने पैरालीगल वॉलंटियर्स योजना, उनकी भूमिका, जिम्मेदारियों और कर्तव्यों पर विस्तार से जानकारी दी।

    सेवानिवृत्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने मध्यस्थता (Mediation) की अवधारणा, सिद्धांतों और प्रक्रियाओं को समझाते हुए इसे विवाद समाधान का प्रभावी माध्यम बताया। उन्होंने सामुदायिक स्तर पर सौहार्दपूर्ण समाधान में वॉलंटियर्स की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।

    कार्यक्रम में पुलिस विभाग के अधिकारी ने कमजोर वर्गों तक न्याय पहुंचाने में पुलिस की भूमिका पर चर्चा की। साथ ही, पैरालीगल वॉलंटियर्स, पुलिस, प्रशासनिक अधिकारियों और कल्याण विभागों के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर बल दिया गया।

    विशेषज्ञ वक्ताओं ने वॉलंटियर्स के संवाद और परामर्श कौशल को मजबूत करने, कानूनी जागरूकता शिविरों के आयोजन और प्रभावी दस्तावेजीकरण पर प्रशिक्षण दिया।

    इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में मध्य प्रदेश के सभी जिलों से 1000 से अधिक पैरालीगल वॉलंटियर्स ने भाग लिया, जिससे इसकी व्यापक पहुंच सुनिश्चित हुई।

    कार्यक्रम के समापन सत्र में प्रतिभागियों ने अपने अनुभव साझा किए और जमीनी स्तर की चुनौतियों पर चर्चा की। प्राधिकरण ने इस पहल के माध्यम से न्याय वितरण प्रणाली को मजबूत करने और समाज के अंतिम व्यक्ति तक न्याय पहुंचाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

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    प्रवीण मिश्रा Law Graduate हैं और लाइव लॉ हिंदी से जुड़े हैं। वे सुप्रीम कोर्ट, उच्च न्यायालयों, उपभोक्ता आयोगों और अन्य न्यायिक मंचों के महत्वपूर्ण फैसलों एवं कानूनी घटनाक्रमों पर लेखन करते हैं। उनका उद्देश्य जटिल कानूनी विषयों और न्यायिक निर्णयों को सरल, सटीक और तथ्यपरक भाषा में हिंदी पाठकों तक पहुंचाना है।

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