DSLSA ने शुरू की कई अहम पहलें, विधिक सहायता को घर-घर तक पहुंचाने की दिशा में बड़ा कदम

Praveen Mishra

24 March 2026 2:09 PM IST

  • DSLSA ने शुरू की कई अहम पहलें, विधिक सहायता को घर-घर तक पहुंचाने की दिशा में बड़ा कदम

    दिल्ली राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (DSLSA) ने दिल्ली उच्च न्यायालय परिसर स्थित एस–ब्लॉक ऑडिटोरियम में कई महत्वपूर्ण योजनाओं और पहलों की शुरुआत की। इन पहलों का शुभारंभ चीफ़ जस्टिस सूर्यकांत एवं नालसा (NALSA) के संरक्षक-प्रमुख के मार्गदर्शन में किया गया।

    इस अवसर पर सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति पी. वी. संजय कुमार, दिल्ली उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति देवेंद्र कुमार उपाध्याय, न्यायमूर्ति वी. कामेश्वर राव (कार्यकारी अध्यक्ष, DSLSA), न्यायमूर्ति नितिन वासुदेव साम्ब्रे, एडिशनल सॉलिसिटर जनरल चेतन शर्मा तथा दिल्ली हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एन. हरिहरन सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

    कार्यक्रम की शुरुआत न्यायमूर्ति वी. कामेश्वर राव के स्वागत संबोधन से हुई, जिसके बाद मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय ने इन पहलों के महत्व पर प्रकाश डाला। अपने अध्यक्षीय संबोधन में मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने सभी के लिए समान और सुलभ न्याय सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया।

    पैरा लीगल वॉलंटियर्स के लिए हैंडबुक जारी

    कार्यक्रम में 'हैंडबुक–कम–फील्ड डायरी फॉर पैरा लीगल वॉलंटियर्स – 2026' का विमोचन किया गया। यह हैंडबुक पैरा लीगल वॉलंटियर्स (PLVs) के लिए एक व्यावहारिक मार्गदर्शिका है, जिसमें निःशुल्क विधिक सहायता, एफआईआर दर्ज कराने में सहायता, पीड़ितों के सहयोग और मुआवजा दिलाने जैसी महत्वपूर्ण जानकारियां सरल भाषा में दी गई हैं। इसमें संवैधानिक अधिकारों, आपराधिक एवं दीवानी कानून, आरटीआई, उपभोक्ता अधिकार, महिलाओं और बच्चों से जुड़े कानूनों सहित कई विषयों को शामिल किया गया है।

    आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के माध्यम से विधिक जागरूकता

    DSLSA ने 'कम्युनिटी लीगल एम्पावरमेंट' योजना के तहत आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को पैरा लीगल वॉलंटियर के रूप में प्रशिक्षित करने की पहल भी शुरू की है। ये कार्यकर्ता समुदाय स्तर पर घर-घर जाकर लोगों को कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक करेंगे और जरूरतमंदों को सरकारी योजनाओं व विधिक सहायता से जोड़ेंगे। इसके लिए जिला स्तर पर समन्वय समितियां बनाई गई हैं और स्वास्थ्य केंद्रों व आंगनवाड़ी केंद्रों पर हेल्प डेस्क स्थापित किए जाएंगे।

    पीड़ितों के लिए निःशुल्क इलाज और विधिक सहायता

    एक अन्य महत्वपूर्ण योजना के तहत सरकारी अस्पतालों में विशेष 'फैसिलिटेशन पॉइंट्स' स्थापित किए जाएंगे, जहां पीड़ितों को निःशुल्क चिकित्सा उपचार के साथ-साथ तुरंत कानूनी सहायता भी उपलब्ध कराई जाएगी। इस पहल में परामर्श, दस्तावेजी सहायता और पुलिस व अन्य विभागों के साथ समन्वय की व्यवस्था भी शामिल है। विशेष रूप से महिलाओं और बच्चों के विरुद्ध अपराधों के पीड़ितों को प्राथमिकता दी जाएगी।

    कार्यक्रम का समापन DSLSA के सदस्य सचिव राजीव बंसल द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। ये सभी पहलें न्याय को अधिक सुलभ, सरल और प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही हैं।

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