ओडिशा हाईकोर्ट ने पटनागढ़ विधानसभा सीट से उप मुख्यमंत्री केवी सिंह देव के निर्वाचन को चुनौती देने वाली याचिका स्वीकार की

Praveen Mishra

8 Aug 2024 7:57 PM IST

  • ओडिशा हाईकोर्ट ने पटनागढ़ विधानसभा सीट से उप मुख्यमंत्री केवी सिंह देव के निर्वाचन को चुनौती देने वाली याचिका स्वीकार की

    ओडिशा हाईकोर्ट ने गुरुवार को 2024 के विधानसभा चुनाव में पटनागढ़ निर्वाचन क्षेत्र से ओडिशा के उपमुख्यमंत्री कनक वर्धन सिंह देव के निर्वाचन को चुनौती देने वाली याचिका स्वीकार कर ली।

    यह याचिका तत्कालीन सत्तारूढ़ पार्टी बीजू जनता दल (बीजद) द्वारा मैदान में उतारी गई उम्मीदवार सरोज कुमार मेहर ने दायर की है। मेहर सिंह देव से 1357 मतों के अल्प अंतर से चुनाव हार गए क्योंकि उन्हें 92,466 वोट मिले जबकि सिंह देव को 93,823 वोट मिले।

    मेहर ने जनप्रतिनिधित्व कानून की धारा 80 से 84 और धारा 100 के प्रावधानों के तहत चुनाव याचिका दायर कर निर्वाचन अधिकारी द्वारा निर्वाचन अधिकारी द्वारा निर्वाचन पत्र की अनुचित स्वीकृति के आधार पर निर्वाचन योग्य उम्मीदवार के निर्वाचन को शून्य घोषित करने की प्रार्थना की है।

    उन्होंने चुनाव संचालन नियम, 1961 के नियम 4-A के तहत फॉर्म 26 के अनुपालन में नामांकन पत्र के प्रत्येक सेट के साथ मूल शपथ पत्र प्रस्तुत नहीं करने और उस समय अपनी चल और अचल संपत्ति के विस्तृत और सही विवरण और सही मूल्य प्रस्तुत नहीं करने के आधार पर चुनाव पर भी सवाल उठाया।

    उन्होंने अपने खिलाफ लंबित सभी आपराधिक मामलों के साथ-साथ सही स्थिति/स्थिति का खुलासा न करने और अपने बैंक खातों की सही राशि का खुलासा न करने और चुनाव नियमों के संचालन के नियम 4-ए के तहत फॉर्म 26 में पिछले पांच वर्षों के अपने आयकर रिटर्न की झूठी घोषणा के लिए नामांकन पत्र की स्वीकार्यता पर भी संदेह किया।

    जस्टिस आनंद चंद्र बेहरा की सिंगल जज बेंच ने कहा कि याचिका अधिनियम के संबंधित प्रावधानों का विधिवत पालन करते हुए निर्धारित अवधि के भीतर दायर की गई है।

    तदनुसार, अदालत ने रजिस्ट्री को सिंहदेव को नोटिस जारी करने का निर्देश दिया और लिखित जवाब दाखिल करने और मुद्दों के निपटारे के लिए मामले की तारीख 30 अगस्त तय की।

    Praveen Mishra

    Praveen Mishra

    प्रवीण मिश्रा Law Graduate हैं और लाइव लॉ हिंदी से जुड़े हैं। वे सुप्रीम कोर्ट, उच्च न्यायालयों, उपभोक्ता आयोगों और अन्य न्यायिक मंचों के महत्वपूर्ण फैसलों एवं कानूनी घटनाक्रमों पर लेखन करते हैं। उनका उद्देश्य जटिल कानूनी विषयों और न्यायिक निर्णयों को सरल, सटीक और तथ्यपरक भाषा में हिंदी पाठकों तक पहुंचाना है।

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