केवल तेलुगु में मतदाता गणना फॉर्म छापने के फैसले पर ECI से जवाब तलब, तेलंगाना हाईकोर्ट ने मांगा रुख

Praveen Mishra

26 Jun 2026 3:04 PM IST

  • केवल तेलुगु में मतदाता गणना फॉर्म छापने के फैसले पर ECI से जवाब तलब, तेलंगाना हाईकोर्ट ने मांगा रुख

    तेलंगाना हाईकोर्ट ने राज्य में आगामी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR)-2026 के लिए मतदाता गणना (Enumeration) फॉर्म केवल तेलुगु भाषा में छापने और वितरित करने के निर्वाचन आयोग (ECI) के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर गुरुवार (25 जून) को चुनाव आयोग से जवाब मांगा। कोर्ट ने ईसीआई के वकील को निर्देश लेकर आने को कहा और मामले की अगली सुनवाई 29 जून के लिए सूचीबद्ध कर दी।

    जस्टिस पुल्ला कार्तिक की एकलपीठ के समक्ष दायर याचिका में कहा गया कि केवल तेलुगु भाषा में फॉर्म छापना संविधान के अनुच्छेद 14 और 19(1)(a) का उल्लंघन है तथा Registration of Electors Rules, 1960 के नियम 4 के विपरीत है। याचिकाकर्ता ने मांग की कि पूरे राज्य में फॉर्म तेलुगु और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में उपलब्ध कराए जाएं।

    सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया कि तेलंगाना में विभिन्न भाषाई और अल्पसंख्यक समुदाय रहते हैं। ऐसे में स्थानीय राजनीतिक दलों और अन्य हितधारकों से उचित परामर्श किए बिना केवल तेलुगु में फॉर्म छापने का फैसला मनमाना और भेदभावपूर्ण है।

    ईसीआई की ओर से बताया गया कि ग्रेटर हैदराबाद नगर निगम (GHMC) क्षेत्र में राजनीतिक दलों से परामर्श के बाद फॉर्म अंग्रेजी में छापे जा रहे हैं, जबकि अन्य जिलों में तेलुगु में वितरण होगा। हालांकि बूथ लेवल अधिकारी (BLO) अपने साथ अंग्रेजी फॉर्म भी रखेंगे और मांग करने पर अंग्रेजी या उर्दू में फॉर्म उपलब्ध कराया जाएगा। आयोग ने यह भी कहा कि अंग्रेजी, उर्दू और तेलुगु में फॉर्म ऑनलाइन उपलब्ध हैं।

    इस पर अदालत ने मौखिक रूप से पूछा, "शहर में जो व्यवस्था अपनाई गई है, वही पूरे राज्य में लागू करने में क्या कठिनाई है?" अदालत ने यह भी सवाल किया कि यदि कोई मतदाता उर्दू में फॉर्म मांगे तो क्या होगा।

    याचिकाकर्ता ने दलील दी कि केवल जीएचएमसी तक अंग्रेजी फॉर्म सीमित रखना तर्कहीन है और ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले अल्पसंख्यक मतदाताओं के अधिकारों की अनदेखी की जा रही है। वहीं ईसीआई ने कहा कि वह याचिकाकर्ता के अभ्यावेदन पर विचार करेगा।

    अदालत ने निर्वाचन आयोग को याचिकाकर्ता के अभ्यावेदन पर विचार करने को कहा और आयोग के वकील को इस संबंध में निर्देश लेकर आने का समय देते हुए मामले की अगली सुनवाई 29 जून के लिए निर्धारित कर दी।

    Praveen Mishra

    Praveen Mishra

    प्रवीण मिश्रा Law Graduate हैं और लाइव लॉ हिंदी से जुड़े हैं। वे सुप्रीम कोर्ट, उच्च न्यायालयों, उपभोक्ता आयोगों और अन्य न्यायिक मंचों के महत्वपूर्ण फैसलों एवं कानूनी घटनाक्रमों पर लेखन करते हैं। उनका उद्देश्य जटिल कानूनी विषयों और न्यायिक निर्णयों को सरल, सटीक और तथ्यपरक भाषा में हिंदी पाठकों तक पहुंचाना है।

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