"रोहिंग्या शरणार्थियों का निर्वासन ना केवल अनुच्छेद 21 और अंतरराष्ट्रीय मानदंडों का उल्लंघन, बल्कि उन्हें यातना और मौत के मुंह में भेजने जैसा", सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा26 March 2021 11:41 AM IST