S. 239 CrPC| अभियुक्त को तब बरी किया जा सकता है, जब अभियोजन सामग्री, जिसका भले ही खंडन न किया गया हो, दोषसिद्धि का संकेत न दे: उड़ीसा हाईकोर्ट17 March 2025 1:47 PM IST