राजस्थान APO परीक्षा 2024: आवेदन के समय लॉ डिग्री न होने पर उम्मीदवार अयोग्य—सुप्रीम कोर्ट

Praveen Mishra

5 May 2026 6:21 PM IST

  • राजस्थान APO परीक्षा 2024: आवेदन के समय लॉ डिग्री न होने पर उम्मीदवार अयोग्य—सुप्रीम कोर्ट

    सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार (4 मई) को महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए राजस्थान असिस्टेंट प्रॉसिक्यूशन ऑफिसर (APO) परीक्षा 2024 के उन उम्मीदवारों को अयोग्य घोषित कर दिया, जिनके पास आवेदन जमा करने की तिथि पर आवश्यक विधि (लॉ) डिग्री नहीं थी।

    जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की खंडपीठ ने Rajasthan Public Service Commission (राजस्थान लोक सेवा आयोग) की अपील स्वीकार करते हुए हाईकोर्ट के उस फैसले को रद्द कर दिया, जिसमें अभ्यर्थियों को प्रारंभिक परीक्षा में बैठने की अनुमति दी गई थी।

    क्या था मामला?

    7 मार्च 2024 की भर्ती विज्ञप्ति के तहत 181 पदों के लिए आवेदन मांगे गए थे, जिसमें लॉ डिग्री अनिवार्य योग्यता थी। हालांकि, कुछ उम्मीदवारों ने आवेदन की अंतिम तिथि तक यह योग्यता प्राप्त नहीं की थी और बाद में 22 अगस्त 2024 को डिग्री हासिल की।

    इन उम्मीदवारों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर परीक्षा में बैठने की अनुमति मांगी, जिसे सिंगल और डिवीजन बेंच ने मंजूरी दे दी थी। इसके खिलाफ आयोग सुप्रीम कोर्ट पहुंचा।

    सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी

    कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि पात्रता तय करने की अहम तिथि आवेदन जमा करने की तारीख होती है, न कि बाद की कोई तारीख।

    पीठ ने कहा, “विज्ञापन और नियमों को साथ पढ़ने पर स्पष्ट है कि योग्यता का आकलन आवेदन के समय दिए गए दस्तावेजों के आधार पर किया जाता है, बाद में उसमें बदलाव की अनुमति नहीं है।”

    कोर्ट ने यह भी कहा कि चयन प्रक्रिया में ऐसे उम्मीदवारों को शामिल करना, जो बाद में योग्यता प्राप्त करते हैं, प्रक्रिया में अनिश्चितता और प्रशासनिक कठिनाई पैदा करेगा।

    हाईकोर्ट का फैसला गलत

    सुप्रीम कोर्ट ने माना कि हाईकोर्ट ने यह नजरअंदाज किया कि उम्मीदवार आवेदन के समय आवश्यक योग्यता नहीं रखते थे। इसलिए उन्हें परीक्षा में बैठने की अनुमति देना गलत था।

    अंततः कोर्ट ने राजस्थान लोक सेवा आयोग की अपील मंजूर करते हुए हाईकोर्ट के आदेश को रद्द कर दिया।

    Praveen Mishra

    Praveen Mishra

    प्रवीण मिश्रा Law Graduate हैं और लाइव लॉ हिंदी से जुड़े हैं। वे सुप्रीम कोर्ट, उच्च न्यायालयों, उपभोक्ता आयोगों और अन्य न्यायिक मंचों के महत्वपूर्ण फैसलों एवं कानूनी घटनाक्रमों पर लेखन करते हैं। उनका उद्देश्य जटिल कानूनी विषयों और न्यायिक निर्णयों को सरल, सटीक और तथ्यपरक भाषा में हिंदी पाठकों तक पहुंचाना है।

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