NIA मामलों की बढ़ती लंबितता पर सुप्रीम कोर्ट सख़्त, 17 राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों से जवाब तलब
Praveen Mishra
10 Feb 2026 6:25 PM IST

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को NIA मामलों की बढ़ती लंबितता को देखते हुए विशेष NIA अदालतों की स्थापना की स्थिति पर 17 राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों से जवाब मांगा है। अदालत ने कहा कि विशेष क़ानूनों के तहत मामलों के निपटारे में देरी का एक प्रमुख कारण पर्याप्त विशेष अदालतों का अभाव है।
चीफ़ जस्टिस सूर्यकांत तथा जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस एन.वी. अंजारिया की खंडपीठ इस मुद्दे पर सुनवाई कर रही थी। सुनवाई के दौरान अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (ASG) ऐश्वर्या भट्टी ने केंद्र सरकार की ओर से बताया कि NIA ट्रायल के लिए विशेष अदालतों के नामांकन की दिशा में हालिया प्रगति हुई है।
ASG ने यह भी बताया कि 7 जनवरी तक केंद्र सरकार ने विशेष NIA अदालतों की स्थापना के लिए ₹1 करोड़ प्रति अदालत (आवर्ती व अनावर्ती व्यय) की प्रतिपूर्ति-आधारित वित्तीय सहायता के मानदंड जारी किए हैं, जो वास्तविक खर्च के अधीन होंगे।
खंडपीठ को अवगत कराया गया कि वर्तमान में 17 राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों में 10 से अधिक NIA ट्रायल लंबित हैं। इनमें असम, बिहार, छत्तीसगढ़, दिल्ली, गुजरात, जम्मू-कश्मीर, झारखंड, कर्नाटक, केरल, महाराष्ट्र, मणिपुर, पंजाब, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, आंध्र प्रदेश, राजस्थान और तेलंगाना शामिल हैं।
स्थिति रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली में 59 मामलों के साथ सबसे अधिक लंबितता है, जबकि मणिपुर में 10 मामले लंबित हैं।
इन तथ्यों को देखते हुए अदालत ने आदेश दिया:
“अनुच्छेद-9 में उल्लिखित 17 राज्यों को नोटिस जारी किया जाए, जहां 10 से अधिक NIA ट्रायल लंबित हैं। नोटिस संबंधित मुख्य सचिवों को भेजे जाएं। इन राज्यों के महाधिवक्ता अगली सुनवाई में व्यक्तिगत रूप से या ऑनलाइन उपस्थित रहें।”
अदालत ने यह भी रेखांकित किया कि यह मामला गवाहों की सुरक्षा के दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण है। CJI ने टिप्पणी की कि पहले के समय में बचाव पक्ष की रणनीतियां गवाहों पर दबाव डालने तक सीमित थीं, जबकि अब ट्रायल में देरी कर आरोपियों को बरी कराने की प्रवृत्ति देखी जा रही है।
विशेष NIA अदालतों की स्थापना पर प्रगति
पटना: जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश–XV की अदालत को 8 जनवरी 2026 की गजट अधिसूचना के माध्यम से विशेष NIA अदालत नामित किया गया।
रांची, जम्मू और मुंबई (सिटी सिविल कोर्ट, कोर्ट नं. 25): 2024 में ही विशेष NIA अदालतें नामित।
असम: गुवाहाटी में विशेष NIA अदालत के लिए आवश्यक पद स्वीकृत।
मणिपुर: विशेष NIA अदालत के नामांकन की पुष्टि शेष।
गुजरात: अहमदाबाद सिटी सिविल कोर्ट के अपर प्रधान न्यायाधीश की अदालत को विशेष NIA अदालत नामित करने के प्रस्ताव पर त्वरित कार्रवाई के लिए केंद्र ने राज्य के मुख्य सचिव को पत्र लिखा।
दिल्ली (NCT): विशेष NIA अदालत के नामांकन के लिए केंद्र ने मुख्य सचिव को पत्र भेजा।
अदालत ने संकेत दिया कि वह अगली सुनवाई में राज्यों की प्रतिक्रियाओं के आधार पर आगे के निर्देश जारी करेगी, ताकि NIA मामलों के त्वरित निपटारे और गवाह सुरक्षा को सुनिश्चित किया जा सके।

