गवाहों के एक जैसे बयान पर सुप्रीम कोर्ट को संदेह, हत्या मामले में 20 आरोपियों का बरी होना बरकरार

  • गवाहों के एक जैसे बयान पर सुप्रीम कोर्ट को संदेह, हत्या मामले में 20 आरोपियों का बरी होना बरकरार

    सुप्रीम कोर्ट ने हत्या के मामले में 20 आरोपियों को बरी करने के बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर बेंच के फैसले को बरकरार रखा है।

    जस्टिस संजय करोल और जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की पीठ ने कहा कि अलग-अलग स्थानों पर मौजूद कई प्रत्यक्षदर्शियों के बयान अगर एक जैसे और रटे-रटाए हों, तो यह गवाहों को सिखाए-पढ़ाए जाने का संकेत हो सकता है।

    कोर्ट ने कहा कि एक ही घटना को अलग-अलग जगहों से देखने वाले गवाहों के बयानों में स्वाभाविक रूप से कुछ अंतर होना चाहिए। लेकिन इस मामले में गवाहों ने 23 आरोपियों की भूमिकाओं का लगभग एक जैसा और बेहद बारीकी से विवरण दिया।

    कोर्ट ने कहा कि “एक जैसे और रटे-रटाए बयान सच्ची याददाश्त के बजाय गवाहों को सिखाए-पढ़ाए जाने की छाप देते हैं।”

    मामला DJ बजाने को लेकर हुए विवाद के बाद हुई मारपीट और अविनाश नामक व्यक्ति की हत्या से जुड़ा था। ट्रायल कोर्ट ने 20 आरोपियों को दोषी ठहराया था, लेकिन बॉम्बे हाईकोर्ट ने उन्हें बरी कर दिया था।

    सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के फैसले में हस्तक्षेप से इनकार करते हुए 20 आरोपियों का बरी होना बरकरार रखा।

    Praveen Mishra

    प्रवीण मिश्रा Law Graduate हैं और लाइव लॉ हिंदी से जुड़े हैं। वे सुप्रीम कोर्ट, उच्च न्यायालयों, उपभोक्ता आयोगों और अन्य न्यायिक मंचों के महत्वपूर्ण फैसलों एवं कानूनी घटनाक्रमों पर लेखन करते हैं। उनका उद्देश्य जटिल कानूनी विषयों और न्यायिक निर्णयों को सरल, सटीक और तथ्यपरक भाषा में हिंदी पाठकों तक पहुंचाना है।

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