गवाहों के एक जैसे बयान पर सुप्रीम कोर्ट को संदेह, हत्या मामले में 20 आरोपियों का बरी होना बरकरार
Praveen Mishra
10 Aug 2026 12:19 PM IST

सुप्रीम कोर्ट ने हत्या के मामले में 20 आरोपियों को बरी करने के बॉम्बे हाईकोर्ट की नागपुर बेंच के फैसले को बरकरार रखा है।
जस्टिस संजय करोल और जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की पीठ ने कहा कि अलग-अलग स्थानों पर मौजूद कई प्रत्यक्षदर्शियों के बयान अगर एक जैसे और रटे-रटाए हों, तो यह गवाहों को सिखाए-पढ़ाए जाने का संकेत हो सकता है।
कोर्ट ने कहा कि एक ही घटना को अलग-अलग जगहों से देखने वाले गवाहों के बयानों में स्वाभाविक रूप से कुछ अंतर होना चाहिए। लेकिन इस मामले में गवाहों ने 23 आरोपियों की भूमिकाओं का लगभग एक जैसा और बेहद बारीकी से विवरण दिया।
कोर्ट ने कहा कि “एक जैसे और रटे-रटाए बयान सच्ची याददाश्त के बजाय गवाहों को सिखाए-पढ़ाए जाने की छाप देते हैं।”
मामला DJ बजाने को लेकर हुए विवाद के बाद हुई मारपीट और अविनाश नामक व्यक्ति की हत्या से जुड़ा था। ट्रायल कोर्ट ने 20 आरोपियों को दोषी ठहराया था, लेकिन बॉम्बे हाईकोर्ट ने उन्हें बरी कर दिया था।
सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के फैसले में हस्तक्षेप से इनकार करते हुए 20 आरोपियों का बरी होना बरकरार रखा।


