सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली की बिजली वितरण कंपनियों के ऑडिट पर यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया
Amir Ahmad
3 July 2026 7:45 PM IST

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली की बिजली वितरण कंपनियों (डिस्कॉम) के ऑडिट पर यथास्थिति बनाए रखने का निर्देश दिया, जिसे CAG द्वारा नियुक्त एक स्वतंत्र चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) द्वारा किया जाना था।
जस्टिस के.वी. विश्वनाथन और जस्टिस श्री चंद्रशेखर की बेंच ने यह आदेश तब दिया जब उन्होंने दिल्ली इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन (DERC) की याचिका पर नोटिस जारी किया। DERC ने अप्रैल में अपिलेट ट्रिब्यूनल फॉर इलेक्ट्रिसिटी के एक आदेश को चुनौती दी थी।
उस आदेश में कहा गया कि DERC के लिए डिस्कॉम का ऑडिट CAG को सौंपना सही नहीं है और ऑडिट करने के लिए एक स्वतंत्र CA की नियुक्ति का निर्देश दिया गया। इस आदेश को चुनौती देते हुए DERC ने यह याचिका दायर की थी।
इस मामले की अगली सुनवाई 15 जुलाई को होगी और इस पर वही बेंच विचार करेगी जिसने 'रेगुलेटरी एसेट्स' पर अगस्त 2025 का फैसला सुनाया था।
उस फैसले में इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन से उन हालात का सख्त और गहन ऑडिट करने को कहा गया था जिनमें बिजली डिस्कॉम रेगुलेटरी एसेट्स की वसूली किए बिना काम करती रहीं।
कोर्ट ने यह भी कहा कि रेगुलेटरी एसेट्स जो उपभोक्ताओं को टैरिफ में अचानक बढ़ोतरी से बचाने के लिए बनाए जाते हैं, उन्हें लंबे समय तक अनसुलझा नहीं छोड़ा जाना चाहिए।
उस फैसले में यह नहीं बताया गया कि प्रस्तावित ऑडिट किसे करना चाहिए। इसलिए जस्टिस विश्वनाथन की अगुवाई वाली बेंच ने दिल्ली की डिस्कॉम के ऑडिट पर तब तक रोक लगा दी जब तक कि अगस्त 2025 के फैसले के दायरे पर विचार नहीं कर लिया जाता।


