₹460 करोड़ की प्रतिभूतियों का मामला: सुप्रीम कोर्ट ने PCM के पक्ष में दिया फैसला
Praveen Mishra
3 Sept 2026 4:52 PM IST

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार (2 सितंबर) को कहा कि Futures & Options (F&O) सेगमेंट में हुए वित्तीय नुकसान की भरपाई के लिए निवेशक Professional Clearing Members (PCMs) को जिम्मेदार नहीं ठहरा सकते। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि PCM की भूमिका मुख्य रूप से ट्रेड्स की क्लियरिंग और सेटलमेंट तक सीमित है।
जस्टिस जे.बी. पारदीवाला और जस्टिस के. विनोद चंद्रन की खंडपीठ ने कहा कि निवेशक का सीधा संविदात्मक संबंध Trading Member (TM) के साथ होता है, जबकि PCM के लिए TM ही क्लाइंट होता है। इसलिए व्यक्तिगत निवेशकों और PCM के बीच 'privity of contract' न होने के कारण PCM को निवेशकों के नुकसान के लिए उत्तरदायी नहीं ठहराया जा सकता।
मामला क्या था?
विवाद कुछ Trading Members द्वारा चलाए जा रहे कथित अवैध निवेश योजनाओं से जुड़ा था। आरोप था कि इन TMs ने F&O निवेशकों को assured returns का वादा करते हुए अनधिकृत Portfolio Management Services जैसी योजनाएं चलाईं।
इन योजनाओं के तहत TMs ने अपने क्लाइंट्स की प्रतिभूतियों को PCM के पास अपने दायित्वों के लिए collateral के रूप में रखा। बाद में TMs अपने clearing obligations पूरा करने में विफल रहे, जिसके बाद PCMs ने उन प्रतिभूतियों को बेचकर TM की बकाया देनदारी चुकाई।
निवेशकों ने आरोप लगाया कि PCMs को प्रतिभूतियों को बेचने से पहले प्रत्येक निवेशक के खाते का debit-credit balance जांचना चाहिए था।
सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा?
कोर्ट ने इस दलील को खारिज करते हुए कहा कि लागू regulatory framework के तहत TM, PCM का क्लाइंट है और व्यक्तिगत निवेशक, TM का क्लाइंट है। PCM पर प्रत्येक निवेशक की व्यक्तिगत स्थिति की जांच करने का कोई वैधानिक दायित्व नहीं था।
कोर्ट ने F&O सेगमेंट में assured return के दावों को लेकर भी कड़ी टिप्पणी की। पीठ ने कहा कि इस तरह के सेगमेंट में assured return का वादा “downright impossible” है और निवेशकों ने योजना में शामिल होते समय जोखिमों को जानते हुए अपनी प्रतिभूतियां collateral के रूप में दी थीं।
₹460 करोड़ की प्रतिभूतियों की restitution का आदेश भी रद्द
National Stock Exchange की Member and Core Settlement Guarantee Fund Committee (MCSGFC) ने लगभग ₹460 करोड़ की प्रतिभूतियों की restitution का निर्देश दिया था। Securities Appellate Tribunal (SAT) ने भी इस आदेश को बरकरार रखा था।
सुप्रीम कोर्ट ने PCM की अपील स्वीकार करते हुए MCSGFC और SAT के restitution आदेशों को रद्द कर दिया।
कोर्ट ने कहा कि TM द्वारा की गई कथित अवैध गतिविधियों या Ponzi scheme के कारण हुए नुकसान की जिम्मेदारी PCM पर डालना उचित नहीं होगा, क्योंकि PCM ने न तो निवेशकों के साथ कोई अनुबंध किया था और न ही उस पर प्रत्येक निवेशक की debit-credit स्थिति जांचने का वैधानिक दायित्व था।


