सुप्रीम कोर्ट में केस सीक्वेंसिंग पर उठे सवाल, CJI सूर्यकांत बोले- सुझावों के लिए समिति गठित

  • सुप्रीम कोर्ट में केस सीक्वेंसिंग पर उठे सवाल, CJI सूर्यकांत बोले- सुझावों के लिए समिति गठित

    चीफ़ जस्टिस सूर्यकांत ने सोमवार को बताया कि सुप्रीम कोर्ट की फुल कोर्ट ने मामलों की सुनवाई के क्रम (Sequencing of Cases) को लेकर उठी चिंताओं पर विचार करने के लिए एक समिति गठित करने का निर्णय लिया है।

    यह मुद्दा सीनियर एडवोकेट गौरव भाटिया ने अदालत के समक्ष उठाया। उन्होंने कहा कि रोजाना सुबह अंतिम समय पर मामलों की सुनवाई का क्रम बदल दिए जाने से वकीलों को भारी असुविधा होती है और बार के सदस्यों में इस संबंध में व्यापक सहमति है कि मौजूदा व्यवस्था अनिश्चितता पैदा कर रही है।

    भाटिया ने कहा कि कई बार सुबह 10:29 या 10:30 बजे नया सीक्वेंस जारी होता है, जिसके बाद वकीलों को पता चलता है कि उन्हें किसी दूसरी कोर्ट में उपस्थित होना है। इससे प्रभावी पैरवी प्रभावित होती है।

    इस पर CJI सूर्यकांत ने कहा कि यह मुद्दा पहले ही सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीशों की फुल कोर्ट बैठक में उठाया जा चुका है और इसकी समीक्षा के लिए समिति गठित कर दी गई है। उन्होंने कहा कि समिति अपनी सिफारिशें देगी, जिसके बाद आगे का निर्णय लिया जाएगा।

    गौरतलब है कि हाल ही में सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (SCBA) के पदाधिकारियों ने भी इस मुद्दे को उठाते हुए सीक्वेंसिंग प्रणाली को समाप्त करने या फिर सप्लीमेंट्री कॉज लिस्ट प्रकाशित करते समय ही सुनवाई का क्रम स्पष्ट करने की मांग की थी।

    Praveen Mishra

    प्रवीण मिश्रा Law Graduate हैं और लाइव लॉ हिंदी से जुड़े हैं। वे सुप्रीम कोर्ट, उच्च न्यायालयों, उपभोक्ता आयोगों और अन्य न्यायिक मंचों के महत्वपूर्ण फैसलों एवं कानूनी घटनाक्रमों पर लेखन करते हैं। उनका उद्देश्य जटिल कानूनी विषयों और न्यायिक निर्णयों को सरल, सटीक और तथ्यपरक भाषा में हिंदी पाठकों तक पहुंचाना है।

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