सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवहेलना पर छत्तीसगढ़ सरकार फटकार, कोरबा एसपी को नोटिस

  • सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवहेलना पर छत्तीसगढ़ सरकार फटकार, कोरबा एसपी को नोटिस

    सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश का पालन न करने पर छत्तीसगढ़ सरकार की कड़ी आलोचना करते हुए इसे “स्पष्ट और जानबूझकर किया गया उल्लंघन” करार दिया है।

    जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्लाह और जस्टिस आर. महादेवन की खंडपीठ ने कोरबा के पुलिस अधीक्षक (SP) को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने पूछा है कि आदेश का पालन न करने पर उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों न की जाए।

    मामला क्या है?

    यह मामला एक आपराधिक केस से जुड़ा है, जिसमें आरोपी को हाईकोर्ट ने बरी कर दिया था। इस फैसले को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका (SLP) दायर की गई थी।

    सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया था कि संबंधित व्यक्ति (प्रतिवादी नंबर-2) को व्यक्तिगत रूप से अदालत में पेश किया जाए।

    कोर्ट के आदेश का उल्लंघन

    कोर्ट ने 23 मार्च 2026 को आदेश दिया था कि 15 अप्रैल को सुनवाई के दौरान प्रतिवादी को पेश किया जाए।

    हालांकि, 20 अप्रैल को सुनवाई के समय वह अदालत में उपस्थित नहीं था। इस पर अदालत ने नाराजगी जताई।

    राज्य की ओर से बताया गया कि 15 अप्रैल को प्रतिवादी को पेश किया गया था और बाद में 20 अप्रैल के लिए उपस्थिति से छूट मांगी गई थी।

    कोर्ट की कड़ी टिप्पणी

    अदालत ने कहा कि—

    राज्य का यह रवैया बेहद गंभीर है

    यह सुप्रीम कोर्ट के आदेश का “जानबूझकर उल्लंघन” है

    कोर्ट ने कोरबा एसपी को निर्देश दिया कि वे बताएं कि आदेश का पालन क्यों नहीं किया गया।

    अगली सुनवाई

    सुप्रीम कोर्ट ने—

    कोरबा एसपी को व्यक्तिगत रूप से 24 अप्रैल को पेश होने का आदेश दिया

    साथ ही प्रतिवादी नंबर-2 की भी उपस्थिति सुनिश्चित करने को कहा

    Praveen Mishra

    प्रवीण मिश्रा Law Graduate हैं और लाइव लॉ हिंदी से जुड़े हैं। वे सुप्रीम कोर्ट, उच्च न्यायालयों, उपभोक्ता आयोगों और अन्य न्यायिक मंचों के महत्वपूर्ण फैसलों एवं कानूनी घटनाक्रमों पर लेखन करते हैं। उनका उद्देश्य जटिल कानूनी विषयों और न्यायिक निर्णयों को सरल, सटीक और तथ्यपरक भाषा में हिंदी पाठकों तक पहुंचाना है।

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