हिरासत में मौत मामले की जांच CBI को, सुप्रीम कोर्ट ने ₹25 लाख मुआवजे का आदेश दिया

Praveen Mishra

12 Aug 2026 12:37 PM IST

  • हिरासत में मौत मामले की जांच CBI को, सुप्रीम कोर्ट ने ₹25 लाख मुआवजे का आदेश दिया

    सुप्रीम कोर्ट ने छत्तीसगढ़ में 34 वर्षीय श्रवण की हिरासत में हुई मौत के मामले की जांच CBI को सौंपने का आदेश दिया है। कोर्ट ने राज्य पुलिस द्वारा मौत के बाद दो साल से अधिक समय तक FIR दर्ज नहीं करने को गंभीरता से लिया।

    जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की खंडपीठ ने कहा कि न्याय के हित में मामले की जांच CBI को सौंपना जरूरी है। कोर्ट ने हिरासत में हिंसा के लिए जिम्मेदार पाए जाने वाले अधिकारियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई का भी निर्देश दिया।

    श्रवण की मौत 21 जनवरी 2024 को अस्पताल में हुई थी। उसे 18 जनवरी को कथित रूप से ₹1,200 की शराब रखने के मामले में हिरासत में लिया गया था। जुलाई 2024 की न्यायिक जांच में सामने आया था कि हिरासत के दौरान ब्लंट हथियार से सिर में लगी चोट के कारण उसकी मौत हुई।

    इसके बावजूद FIR कथित तौर पर 30 जुलाई 2026 को दर्ज की गई।

    परिवार को ₹25 लाख अंतरिम मुआवजा

    सुप्रीम कोर्ट ने छत्तीसगढ़ सरकार को मृतक के परिवार को ₹25 लाख का अंतरिम मुआवजा देने का निर्देश दिया। कोर्ट ने कहा कि श्रवण परिवार का इकलौता कमाने वाला सदस्य था और हिरासत के दौरान हुई हिंसा के कारण उसकी अप्राकृतिक मौत हुई।

    CBI को मामले की जांच तेजी से पूरी कर 13 अक्टूबर 2026 तक रिपोर्ट कोर्ट में पेश करने का निर्देश दिया गया है। वहीं, राज्य के DGP को मामले से जुड़े सभी रिकॉर्ड एक सप्ताह के भीतर CBI निदेशक को सौंपने का आदेश दिया गया है।

    इस खबर को अंग्रेज़ी में पढ़ने के लिए क्लिक करें

    Praveen Mishra

    Praveen Mishra

    प्रवीण मिश्रा Law Graduate हैं और लाइव लॉ हिंदी से जुड़े हैं। वे सुप्रीम कोर्ट, उच्च न्यायालयों, उपभोक्ता आयोगों और अन्य न्यायिक मंचों के महत्वपूर्ण फैसलों एवं कानूनी घटनाक्रमों पर लेखन करते हैं। उनका उद्देश्य जटिल कानूनी विषयों और न्यायिक निर्णयों को सरल, सटीक और तथ्यपरक भाषा में हिंदी पाठकों तक पहुंचाना है।

    Next Story