एशियन गेम्स 2026 ड्रेसाज टीम चयन विवाद: सुप्रीम कोर्ट ने याचिका पर तत्काल सुनवाई के लिए 9 जुलाई की तारीख तय की

Praveen Mishra

7 July 2026 5:48 PM IST

  • एशियन गेम्स 2026 ड्रेसाज टीम चयन विवाद: सुप्रीम कोर्ट ने याचिका पर तत्काल सुनवाई के लिए 9 जुलाई की तारीख तय की

    सुप्रीम कोर्ट ने एशियन गेम्स 2026 के लिए भारतीय ड्रेसाज (Dressage) टीम के चयन को चुनौती देने वाली याचिका पर तत्काल सुनवाई की मांग स्वीकार कर ली है। अदालत ने मामले को 9 जुलाई को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया।

    जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्लाह और जस्टिस शील नागू की अवकाशकालीन पीठ के समक्ष मामले का उल्लेख (Mentioning) किया गया, जिसके बाद पीठ ने शीघ्र सुनवाई की अनुमति दे दी।

    मामला दिल्ली हाईकोर्ट के उस फैसले के खिलाफ दायर किया गया है, जिसमें हाईकोर्ट की खंडपीठ ने इक्वेस्ट्रियन फेडरेशन ऑफ इंडिया (EFI) की एड-हॉक समिति द्वारा 16 जून 2026 को जारी भारतीय ड्रेसाज टीम की चयन सूची में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया था।

    याचिकाकर्ता अनुष अग्रवाला और सुदीप्ति हाजेला को चयन सूची में रिजर्व रखा गया था। दोनों ने अंतिम टीम में शामिल किए जाने की मांग करते हुए पहले एकलपीठ का रुख किया था, लेकिन उनकी याचिकाएं खारिज कर दी गईं। इसके बाद उन्होंने खंडपीठ में अपील दायर की।

    खंडपीठ ने अपने फैसले में माना था कि चयन मानदंड (Selection Criteria) के क्लॉज 15(a) और 15(b) का पूरी तरह पालन नहीं किया गया। हालांकि, अदालत ने यह कहते हुए चयन प्रक्रिया में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया कि 15 जुलाई 2026 की समय-सीमा को देखते हुए दोबारा चयन प्रतियोगिता आयोजित करना व्यावहारिक रूप से संभव नहीं है, क्योंकि घोड़े और खिलाड़ी दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में मौजूद हैं और इतने कम समय में उन्हें एक स्थान पर लाना संभव नहीं होगा।

    हाईकोर्ट के इस फैसले से असंतुष्ट होकर अनुष अग्रवाला ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। अब सुप्रीम कोर्ट 9 जुलाई को मामले पर सुनवाई करेगा।

    Praveen Mishra

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    प्रवीण मिश्रा Law Graduate हैं और लाइव लॉ हिंदी से जुड़े हैं। वे सुप्रीम कोर्ट, उच्च न्यायालयों, उपभोक्ता आयोगों और अन्य न्यायिक मंचों के महत्वपूर्ण फैसलों एवं कानूनी घटनाक्रमों पर लेखन करते हैं। उनका उद्देश्य जटिल कानूनी विषयों और न्यायिक निर्णयों को सरल, सटीक और तथ्यपरक भाषा में हिंदी पाठकों तक पहुंचाना है।

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