11 साल तक न्यायिक समय बर्बाद करने पर सुप्रीम कोर्ट नाराज, एडवोकेट रिजवान सिद्दीकी और अभिनेत्री रोजलिन खान पर ₹5-₹5 लाख जुर्माना
Praveen Mishra
21 Aug 2026 5:26 PM IST

सुप्रीम कोर्ट ने मुंबई के एडवोकेट रिजवान सिद्दीकी और अभिनेत्री रेहाना खान उर्फ रोजलिन खान के कार्यशैली पर कड़ी नाराजगी जताते हुए दोनों पर ₹5-₹5 लाख का जुर्माना लगाया।
जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ ने कहा कि दोनों पक्षों ने करीब 11 वर्षों तक Bar Council of India, हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट का न्यायिक समय लिया, जबकि दोनों ही पक्षों ने महत्वपूर्ण तथ्यों को छिपाया और कोर्ट के सामने पूरी तरह स्पष्टता से पेश नहीं हुए।
क्या था मामला?
रोजलिन खान ने Advocates Act की धारा 35 के तहत एडवोकेट रिजवान सिद्दीकी के खिलाफ पेशेवर कदाचार की शिकायत की थी। आरोप था कि उन्होंने क्लाइंट की गोपनीय जानकारी मीडिया के सामने साझा की, बिना सहमति सार्वजनिक नोटिस जारी किया और अपने क्लाइंट के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं।
BCI ने सिद्दीकी को पेशेवर कदाचार का दोषी ठहराते हुए उनका लाइसेंस दो साल के लिए निलंबित किया था। दोनों पक्षों ने इसके खिलाफ हाईकोर्ट और फिर सुप्रीम कोर्ट का रुख किया।
'न्यायिक समय व्यक्तिगत विवाद निपटाने के लिए नहीं'
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि न्यायिक कार्यवाही का इस्तेमाल व्यक्तिगत हिसाब चुकाने या अपनी प्रतिष्ठा बचाने के लिए नहीं किया जा सकता।
पीठ ने कहा कि इस विवाद में खर्च हुए 11 साल का न्यायिक समय उन अन्य litigants को मिल सकता था जिन्हें वास्तविक और समय पर न्याय की जरूरत थी।
कोर्ट ने 11 अगस्त 2025 के हाईकोर्ट के आदेश को बरकरार रखते हुए संबंधित अपीलों और ट्रांसफर केस को खारिज कर दिया।
दोनों पक्षों को चार सप्ताह के भीतर ₹5-₹5 लाख Supreme Court Legal Services Committee में जमा करने का निर्देश दिया गया है।
पक्षकारों के नाम हटाने से इनकार
फैसले के बाद नामों को Redact करने का अनुरोध किया गया, जिसे जस्टिस विक्रम नाथ ने अस्वीकार कर दिया। उन्होंने कहा कि जब दोनों पक्ष सोशल मीडिया पर अपने विवाद के बारे में सार्वजनिक रूप से बात कर चुके हैं और इंटरव्यू दे चुके हैं, तो कोर्ट के आदेश से उनके नाम हटाने की जरूरत नहीं है।


