NCTE की एग्जीक्यूटिव कमिटी को टीचर एजुकेशन इंस्टिट्यूट से सालाना परफॉर्मेंस अप्रेजल रिपोर्ट मांगने का अधिकार: सुप्रीम कोर्ट
Shahadat
4 Sept 2026 12:30 PM IST

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार (3 सितंबर) को टीचर एजुकेशन इंस्टिट्यूट से सालाना परफॉर्मेंस अप्रेजल रिपोर्ट (PAR) मांगने के लिए नेशनल काउंसिल फॉर टीचर एजुकेशन (NCTE) और उसकी एग्जीक्यूटिव कमिटी के अधिकार को सही ठहराया।
जस्टिस पमिदिघंटम श्री नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की बेंच ने कहा,
"...काउंसिल और एग्जीक्यूटिव कमिटी के पास टीचर एजुकेशन देने वाले इंस्टिट्यूट से सालाना परफॉर्मेंस अप्रेजल रिपोर्ट मांगने का पूरा अधिकार है।"
बेंच ने दिल्ली हाईकोर्ट की डिविजन बेंच का वह फैसला रद्द किया, जिसमें NCTE की एग्जीक्यूटिव कमिटी के उस नोटिस को गलत बताया गया, जिसके तहत टीचर एजुकेशन इंस्टिट्यूट से परफॉर्मेंस अप्रेजल रिपोर्ट मांगी गई।
कोर्ट ने कहा,
"हमें यह समझ नहीं आता कि देश में टीचर एजुकेशन सिस्टम के नियोजित और समन्वित विकास के लिए अधिकृत एक वैधानिक निकाय के रेगुलेटरी उपाय को TEI (टीचर एजुकेशन इंस्टिट्यूट) से परफॉर्मेंस अप्रेजल रिपोर्ट जमा करने के लिए कहने से कैसे रोका जा सकता है। हमारी राय है कि कानून के तहत विशेष अधिकार के बिना भी, ऐसा रेगुलेटरी उपाय हमेशा रेगुलेटर के कर्तव्यों और कार्यों का एक सहायक हिस्सा हो सकता है। चूंकि भारत के नियंत्रक और महालेखा परीक्षक (CAG) द्वारा खुद NCTE का परफॉर्मेंस ऑडिट किया जाता है, इसलिए यह स्वाभाविक और सहायक है कि NCTE उन स्टेकहोल्डर्स से ज़रूरी परफॉर्मेंस अप्रेजल रिपोर्ट मांगे जिन पर उसका रेगुलेटरी अधिकार क्षेत्र है।"
यह विवाद सितंबर 2019 में NCTE की एग्जीक्यूटिव कमिटी के मेंबर सेक्रेटरी द्वारा जारी एक पब्लिक नोटिस से शुरू हुआ, जिसमें NCTE-मान्यता प्राप्त कोर्स चलाने वाले सभी TEI को एक तय ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से सालाना परफॉर्मेंस अप्रेजल रिपोर्ट जमा करने का निर्देश दिया गया।
नोटिस में केंद्र और राज्य सरकार के इंस्टिट्यूट के लिए ₹5,000 और अन्य इंस्टिट्यूट के लिए ₹15,000 के भुगतान का प्रावधान है। इसमें यह भी चेतावनी दी गई कि PAR जमा न करने पर NCTE एक्ट की धारा 17(1) के तहत कार्रवाई की जाएगी।
'एसोसिएशन ऑफ NCTE अप्रूव्ड कॉलेजेज ट्रस्ट' और अन्य TEI ने दिल्ली हाईकोर्ट में इस नोटिस को चुनौती दी थी।
सिंगल जज ने इस चुनौती को खारिज कर दिथा। हालांकि, डिविजन बेंच ने अपील स्वीकार की और नोटिस रद्द किया। बेंच ने कहा कि ऐसा कोई सबूत नहीं है, जिससे पता चले कि PAR प्रोफार्मा NCTE द्वारा तैयार या अनुमोदित किया गया। कोर्ट ने यह भी कहा कि धारा 12(k) के तहत परफॉर्मेंस अप्रेजल सिस्टम (कामकाज के मूल्यांकन की व्यवस्था) बनाने का काम मेंबर सेक्रेटरी को नहीं सौंपा जा सकता।
इसके बाद NCTE सुप्रीम कोर्ट पहुंचा।
NCTE की अपील को मंज़ूरी देते हुए कोर्ट ने बच्चों को अच्छी शिक्षा देने में टीचर की भूमिका पर ज़ोर दिया और कहा कि "काउंसिल और उसके साथ बनी संस्थाओं, जैसे कि एग्जीक्यूटिव कमेटी और रीजनल कमेटियों की ज़िम्मेदारियां, शायद सभी ज़िम्मेदार संस्थाओं में सबसे अहम हैं।"
कोर्ट ने कहा,
"हमारी राय है कि काउंसिल और एग्जीक्यूटिव कमेटी के पास टीचर एजुकेशन देने वाले संस्थानों से सालाना परफॉर्मेंस अप्रेजल रिपोर्ट मांगने का पूरा अधिकार है। सबसे पहले, यह अधिकार साफ़ तौर पर एक्ट की धारा 12(k) से मिलता है, जिसके तहत काउंसिल 'मान्यता प्राप्त संस्थानों की जवाबदेही तय करने के लिए सही परफॉर्मेंस अप्रेजल सिस्टम, नियम और तरीके बना सकती है'। इस काम को करते हुए काउंसिल ने इस मुद्दे पर विचार किया और एग्जीक्यूटिव कमेटी को एक औपचारिक प्रोफार्मा के ज़रिए इसे लागू करने का अधिकार दिया। इसके बाद काउंसिल के आदेश को आगे बढ़ाना एग्जीक्यूटिव कमेटी की ज़िम्मेदारी है। मेंबर सेक्रेटरी ने ठीक यही किया, जब उन्होंने 22.09.2019 को पब्लिक नोटिस जारी करके NCTE से मान्यता प्राप्त कोर्स चलाने वाले संस्थानों से परफॉर्मेंस अप्रेजल रिपोर्ट जमा करने को कहा।"
रेगुलेटर (नियामक) द्वारा ज़िम्मेदारी के साथ की गई कार्रवाई में दखल नहीं दिया जाना चाहिए
कोर्ट ने कहा कि चूंकि NCTE के पास TEI (टीचर एजुकेशन इंस्टीट्यूट्स) से जवाबदेही मांगने का अधिकार है, जो टीचर ट्रेनिंग देने के लिए बनाए गए, इसलिए इस अधिकार का इस्तेमाल करते समय एग्जीक्यूटिव कमेटी की सकारात्मक ज़िम्मेदारी में तकनीकी आधार पर दखल नहीं दिया जाना चाहिए।
कोर्ट ने कहा,
"यह पक्का करने की ज़िम्मेदारी के अलावा कि एग्जीक्यूटिव अथॉरिटी/कानूनी संस्थाएं ऐसे अधिकारों का इस्तेमाल न करें, जो उन्हें नहीं दिए गए, संवैधानिक अदालतों की यह सकारात्मक ज़िम्मेदारी भी है कि वे पक्का करें कि अथॉरिटीज़, और खासकर रेगुलेटर, अपने अधिकारों का असरदार, कुशल और ज़िम्मेदार तरीके से इस्तेमाल करें। इस संदर्भ में, अदालतें रेगुलेटर द्वारा की गई कार्रवाई पर तकनीकी या किताबी नज़रिया नहीं अपना सकतीं।"
ऊपर बताई गई बातों के आधार पर अपील मंज़ूर कर ली गई और यह कहा गया,
"TEI से परफॉर्मेंस अप्रेजल रिपोर्ट अपलोड करने के लिए कहना काउंसिल और एग्जीक्यूटिव कमेटी के अधिकार क्षेत्र में है।"
Cause Title: THE NATIONAL COUNCIL FOR TEACHERS EDUCATION VERSUS ASSOCIATION OF NCTE APPROVED COLLEGES TRUST AND ORS.


