दिल्ली रिज पेड़ कटाई मामला | सुप्रीम कोर्ट ने कहा – एक बड़ी जमीन के बजाय कई स्थलों पर वृक्षारोपण बेहतर विकल्प

Praveen Mishra

5 Nov 2025 12:13 PM IST

  • दिल्ली रिज पेड़ कटाई मामला | सुप्रीम कोर्ट ने कहा – एक बड़ी जमीन के बजाय कई स्थलों पर वृक्षारोपण बेहतर विकल्प

    दिल्ली रिज पेड़ कटाई अवमानना मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि दिल्ली में एक ही जगह पर 185 एकड़ भूमि पर पौधारोपण करने के बजाय 18 अलग-अलग स्थलों पर वृक्षारोपण करना ज्यादा लाभदायक होगा।

    जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा —

    “दिल्ली जैसे शहर में एकसाथ बड़ी भूमि पर वृक्षारोपण की बजाय छोटे-छोटे हरित क्षेत्र विकसित करना बेहतर है। इससे शहर के हर हिस्से में हरियाली फैलेगी और प्रदूषण से निपटने में मदद मिलेगी।”

    पीठ ने दिल्ली वन विभाग को पौधारोपण के लिए तय किए गए 18 स्थलों की जानकारी प्रस्तुत करने को कहा। अदालत ने निर्देश दिया कि डीडीए और राजस्व विभाग 18वीं साइट का कब्ज़ा भी बिना शर्त वन विभाग को सौंपें।

    सुप्रीम कोर्ट ने विशेषज्ञ समिति को आदेश दिया कि सभी 18 स्थलों पर वृक्षारोपण पूरा होने के बाद रिपोर्ट दाखिल करे, जिसमें कुल लगाए गए पेड़ों की संख्या और अतिरिक्त भूमि की आवश्यकता का विवरण हो। साथ ही, पौधों की देखभाल और मृत्यु दर कम रखने के लिए एक व्यापक योजना तैयार करने को कहा।

    अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि वृक्षारोपण का सारा खर्च डीडीए वहन करेगा। दिल्ली वन विभाग ने बताया कि सर्दी का मौसम उपयुक्त नहीं है, इसलिए अदालत ने 31 मार्च 2026 तक वृक्षारोपण शुरू करने की समयसीमा बढ़ा दी।

    जस्टिस सूर्यकांत ने यह भी कहा कि भूमि का हर हिस्सा उपजाऊ और “उपयोगी” होना चाहिए। बाउंड्री वॉल को लेकर कोर्ट ने सुझाव दिया कि यदि संभव हो तो कांटेदार तार का उपयोग किया जाए, लेकिन डीडीए ने कहा कि दीवार पेड़ों की सुरक्षा के लिए जरूरी है।

    पीठ ने स्पष्ट किया कि 185 एकड़ भूमि पर पौधारोपण पहला चरण है। इसके बाद समिति की सहायता से राजधानी की हरियाली बढ़ाने के और उपाय किए जाएंगे।

    मामले की पृष्ठभूमि:

    मामला दिल्ली रिज क्षेत्र में सड़क चौड़ीकरण के लिए पेड़ काटे जाने से जुड़ा है, जिससे सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का उल्लंघन हुआ। इसके बाद कोर्ट ने डीडीए अधिकारियों के खिलाफ अवमानना कार्यवाही शुरू की और मई 2024 में एक विशेषज्ञ समिति गठित की।

    समिति की सिफारिशों के तहत डीडीए भूमि और धन उपलब्ध कराएगा, जबकि वन विभाग पौधारोपण करेगा। अधिकारी हर छह महीने में फोटो और वीडियो साक्ष्यों सहित संयुक्त अनुपालन रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट में दाखिल करेंगे।

    Praveen Mishra

    Praveen Mishra

    प्रवीण मिश्रा Law Graduate हैं और लाइव लॉ हिंदी से जुड़े हैं। वे सुप्रीम कोर्ट, उच्च न्यायालयों, उपभोक्ता आयोगों और अन्य न्यायिक मंचों के महत्वपूर्ण फैसलों एवं कानूनी घटनाक्रमों पर लेखन करते हैं। उनका उद्देश्य जटिल कानूनी विषयों और न्यायिक निर्णयों को सरल, सटीक और तथ्यपरक भाषा में हिंदी पाठकों तक पहुंचाना है।

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