सुप्रीम कोर्ट में ए.आर. रहमान की सहमति : 'वीरा राजा' गीत में डागर बंधुओं की 'शिव स्तुति' प्रस्तुति को मिलेगा क्रेडिट

Praveen Mishra

21 Feb 2026 9:56 AM IST

  • सुप्रीम कोर्ट में ए.आर. रहमान की सहमति : वीरा राजा गीत में डागर बंधुओं की शिव स्तुति प्रस्तुति को मिलेगा क्रेडिट

    संगीतकार ए.आर. रहमान ने शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट के समक्ष सहमति व्यक्त की कि तमिल फिल्म पोन्नियिन सेलवन-2 के गीत “वीरा राजा वीरा” में जूनियर डागर बंधुओं द्वारा प्रस्तुत 'शिव स्तुति' का उल्लेख क्रेडिट में किया जाएगा। रहमान और फिल्म निर्माताओं ने गीत के क्रेडिट में यह पंक्ति जोड़ने पर सहमति दी—

    “डागरवाणी परंपरा की ध्रुपद रचना से प्रेरित, जिसे 'शिव स्तुति' के रूप में दिवंगत उस्ताद नासिर फैयाज़ुद्दीन डागर और उस्ताद नासिर जहीरुद्दीन डागर (जूनियर डागर बंधु) ने पहली बार रिकॉर्ड किया था।”

    यह रियायत कॉपीराइट उल्लंघन के मुख्य मुकदमे के मुद्दों पर बिना किसी पूर्वाग्रह के दी गई है, जो डागर बंधुओं के उत्तराधिकारी उस्ताद फैयाज़ वासिफुद्दीन डागर द्वारा दायर किया गया है। सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया कि गीत के क्रेडिट में यह संशोधन 5 सप्ताह के भीतर सभी सोशल मीडिया और ओटीटी प्लेटफॉर्म पर लागू किया जाए।

    चीफ़ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस विपुल पंचोली की खंडपीठ के समक्ष रहमान की ओर से सीनियर एडवोकेट डॉ. अभिषेक मनु सिंघवी ने बताया कि डागर बंधुओं की प्रस्तुति को स्वीकार करने पर सहमति दे दी गई है, हालांकि इससे मुख्य मुकदमे में पक्षकारों के दावों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।

    पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि जब रहमान पहले ही स्वीकार कर चुके हैं कि गीत डागरवाणी परंपरा से प्रेरित है, तो क्या यह भी स्वीकार किया जा सकता है कि 'शिव स्तुति' की पहली प्रस्तुति याचिकाकर्ता के पूर्वजों ने दी थी। आज सुनवाई के दौरान सिंघवी ने मीडिया रिपोर्टों पर आपत्ति जताई, जिनमें कहा गया था कि रहमान को अदालत से झटका लगा है। इस पर पीठ ने कहा कि वह मीडिया की रिपोर्टिंग को नियंत्रित नहीं कर सकती।

    अदालत ने स्पष्ट किया कि दिल्ली हाईकोर्ट में लंबित मुख्य मुकदमा अदालत की किसी टिप्पणी से प्रभावित हुए बिना आगे बढ़ेगा। इसके साथ ही डागर द्वारा दायर याचिका का निस्तारण कर दिया गया, जिसमें हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच के उस आदेश को चुनौती दी गई थी, जिसने सिंगल बेंच द्वारा रहमान और अन्य के खिलाफ पारित अंतरिम निषेधाज्ञा आदेश को रद्द कर दिया था।

    पृष्ठभूमि

    यह विवाद हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत की ध्रुपद शैली की रचना “शिव स्तुति” के उपयोग से जुड़ा है, जिसे ए.आर. रहमान ने फिल्म पोन्नियिन सेलवन-2 के गीत “वीरा राजा वीरा” में शामिल किया। फिल्म 28 अप्रैल 2023 को रिलीज होने के बाद यह विवाद सामने आया। उस्ताद फैयाज़ वासिफुद्दीन डागर का आरोप है कि उनके पूर्वज जूनियर डागर बंधुओं द्वारा रचित 'शिव स्तुति' के संरक्षित हिस्सों का बिना अनुमति उपयोग किया गया।

    डागर के अनुसार, यह रचना 1970 के दशक में उस्ताद नासिर फैयाज़ुद्दीन डागर और उस्ताद नासिर जहीरुद्दीन डागर ने संयुक्त रूप से तैयार की थी और 22 जून 1978 को एम्स्टर्डम के रॉयल ट्रॉपिकल इंस्टीट्यूट में पहली बार रिकॉर्ड की गई। बाद में पारिवारिक समझौते के तहत इस रचना के कॉपीराइट और नैतिक अधिकार उन्हें प्राप्त हुए।

    डागर ने यह भी आरोप लगाया कि उनके दो शिष्यों, जिन्होंने बाद में “वीरा राजा वीरा” की रिकॉर्डिंग में भाग लिया, ने बिना अनुमति यह रचना ए.आर. रहमान के साथ साझा कर दी। उनके अनुसार, फिल्मी गीत में 'शिव स्तुति' की मूल धुन, स्वर संरचना, लय और भाव अभिव्यक्ति को दोहराया गया, जिससे कॉपीराइट और नैतिक अधिकारों का उल्लंघन हुआ।

    कोई समाधान न निकलने पर उस्ताद डागर ने 2023 में दिल्ली हाईकोर्ट में वाणिज्यिक मुकदमा दायर किया, जिसमें निषेधाज्ञा, नैतिक अधिकारों की मान्यता, क्षतिपूर्ति और उचित श्रेय देने की मांग की गई। 25 अप्रैल 2025 को हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने आंशिक अंतरिम राहत देते हुए गीत में क्रेडिट सुधारने, 2 करोड़ रुपये सुरक्षा राशि जमा करने और लागत देने का निर्देश दिया।

    इस आदेश के खिलाफ ए.आर. रहमान ने हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच में अपील की। डिवीजन बेंच ने सिंगल बेंच के आदेश के कुछ हिस्सों को रद्द कर दिया, जिसमें 2 करोड़ रुपये जमा कराने का निर्देश और कुछ टिप्पणियां शामिल थीं, जिन्हें अंतिम निष्कर्ष जैसा माना गया। साथ ही अदालत ने स्पष्ट किया कि मौलिकता, लेखनाधिकार और उल्लंघन से जुड़े सभी मुद्दों का अंतिम निर्णय ट्रायल के दौरान किया जाएगा। अंतरिम राहत में कमी से असंतुष्ट होकर डागर ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया।

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