FIR की निष्पक्ष रिपोर्टिंग 'मीडिया ट्रायल' नहीं: सिक्किम हाईकोर्ट

Shahadat

16 April 2026 10:28 AM IST

  • FIR की निष्पक्ष रिपोर्टिंग मीडिया ट्रायल नहीं: सिक्किम हाईकोर्ट

    सिक्किम हाईकोर्ट ने यह फैसला दिया कि FIR दर्ज होने की निष्पक्ष और सटीक रिपोर्टिंग को बिना किसी सनसनीखेजपन या पहले से कोई राय बनाए, "मीडिया ट्रायल" नहीं कहा जा सकता।

    कोर्ट ने टिप्पणी की कि आपराधिक मामलों की रिपोर्टिंग करना लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के तौर पर प्रेस की भूमिका है। यह एक सार्वजनिक प्रहरी के तौर पर मीडिया के कर्तव्य का हिस्सा है।

    कोर्ट ने आगे स्पष्ट किया कि इस तरह की रिपोर्टिंग, खासकर तब जब इसमें पीड़ितों की पहचान उजागर न की गई हो तो उस पर किसी तरह की न्यायिक रोक या प्रतिबंध लगाने की ज़रूरत नहीं है।

    जस्टिस भास्कर राज प्रधान ने कहा:

    "प्रेस और मीडिया लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है, जिसे हमारे समाज के प्रहरी के तौर पर हमेशा सतर्क रहना चाहिए। किसी अपराध की रिपोर्टिंग करना उनके कर्तव्य का हिस्सा है। आरोपी व्यक्ति के खिलाफ FIR दर्ज होने की बात की निष्पक्ष और सटीक रिपोर्टिंग करना—जिसमें पीड़ित का नाम और पहचान उजागर न की गई हो और न ही कथित कृत्य पर कोई फैसला सुनाया गया हो—उसे 'मीडिया ट्रायल' नहीं कहा जा सकता और न ही उसके आधार पर उस पर कोई प्रतिबंध लगाने की मांग की जा सकती है।"

    इस प्रकार, कोर्ट ने रिट याचिका खारिज की।

    Case Name: Rabden Sherpa V/s State of Sikkim & Ors.

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