2013 के रेप केस में आसाराम की उम्रकैद की सज़ा बरकरार, हाईकोर्ट ने दो सह-आरोपियों को किया बरी
Shahadat
27 May 2026 11:11 AM IST

राजस्थान हाईकोर्ट ने स्वयंभू बाबा आसाराम को 2013 में अपने आश्रम में महिला के साथ रेप करने के मामले में IPC की धारा 376 के तहत दोषी ठहराए जाने और उम्रकैद की सज़ा को बरकरार रखा।
बता दें, जोधपुर की स्पेशल POCSO कोर्ट ने अप्रैल 2018 में आसाराम को IPC की धाराओं 376(2)(f) (विश्वास की स्थिति में किसी व्यक्ति द्वारा किया गया रेप), 376D (गैंग रेप), 370(4) (मानव तस्करी), 342 (गलत तरीके से रोकना), 506 (आपराधिक धमकी) और 120B (आपराधिक साज़िश) के तहत, उसकी बाकी की पूरी ज़िंदगी के लिए उम्रकैद की सज़ा सुनाई।
उसे POCSO Act (यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम) की धाराओं 5(g), 6, 7 और 8 के तहत अपराधों के लिए भी दोषी ठहराया गया था।
हाईकोर्ट ने अब IPC के तहत अपराधों (गैंग रेप और आपराधिक साज़िश के आरोप को छोड़कर) के लिए उसकी दोषसिद्धि बरकरार रखी, लेकिन POCSO Act के तहत नहीं। इसके अलावा, कोर्ट ने सह-आरोपी शरद और शिल्पी को बरी किया। उन्हें कथित तौर पर पीड़ित की आसाराम से मुलाकात करवाकर आपराधिक साज़िश में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए 20 साल जेल की सज़ा सुनाई गई थी।
जस्टिस अरुण मोंगा और जस्टिस योगेंद्र कुमार पुरोहित की एक डिवीज़न बेंच ने आज (बुधवार) सुबह 8 बजे यह फ़ैसला सुनाया।
Case title: Asharam @ Ashumal v/s State of Rajasthan

