ट्रांसजेंडर को OBC में शामिल करने पर राज्य को फटकार, कहा—संवैधानिक दायित्व से पीछे हटी सरकार: राजस्थान हाईकोर्ट
Praveen Mishra
30 March 2026 6:20 PM IST

राजस्थान हाईकोर्ट ने ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को OBC श्रेणी में शामिल करने संबंधी राज्य सरकार की अधिसूचना पर कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा है कि यह कदम उनके अधिकारों को वास्तविक लाभ देने के बजाय “खाली औपचारिकता” बनकर रह गया है।
यह फैसला जस्टिस अरुण मोंगा और जस्टिस योगेंद्र कुमार पुरोहित की खंडपीठ ने एक याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया।
मामला गंगा कुमारी नामक एक ट्रांसजेंडर व्यक्ति द्वारा दायर याचिका से जुड़ा था, जिसमें 12 जनवरी 2023 की उस अधिसूचना को चुनौती दी गई थी, जिसके तहत राज्य सरकार ने ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को “अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC)” में शामिल कर दिया था। याचिकाकर्ता का तर्क था कि यह कदम भेदभावपूर्ण है और सुप्रीम कोर्ट के NALSA v Union of India फैसले के विपरीत है, जिसमें ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को अलग पहचान और उचित आरक्षण देने का निर्देश दिया गया था।
अदालत ने कहा कि राज्य सरकार का दायित्व था कि वह सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों को प्रभावी नीति में बदले, लेकिन ऐसा करने के बजाय उसने केवल औपचारिक कदम उठाया। कोर्ट ने यह भी कहा कि इस अधिसूचना के कारण ऐसे ट्रांसजेंडर व्यक्ति, जो पहले से SC/ST या अन्य आरक्षित वर्ग से आते हैं, अपने मौजूदा आरक्षण से भी वंचित हो सकते हैं।
हालांकि, अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि आरक्षण की नीति बनाना सरकार के अधिकार क्षेत्र में आता है और इस पर सीधे न्यायिक हस्तक्षेप सीमित है। इसके बावजूद, कोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि वह एक उच्च स्तरीय समिति गठित करे, जो ट्रांसजेंडर समुदाय की सामाजिक और शैक्षिक स्थिति का अध्ययन कर उचित सिफारिशें दे।
अदालत ने कहा कि इस समिति में वरिष्ठ अधिकारी, सामाजिक कार्यकर्ता और ट्रांसजेंडर समुदाय के प्रतिनिधि शामिल किए जाएं, ताकि एक प्रभावी और व्यावहारिक नीति तैयार की जा सके।
जब तक राज्य सरकार इस संबंध में अंतिम नीति निर्णय नहीं लेती, तब तक कोर्ट ने अंतरिम राहत के रूप में निर्देश दिया कि ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को सरकारी नौकरियों और शैक्षणिक संस्थानों में चयन और प्रवेश के दौरान अधिकतम अंकों में 3 प्रतिशत अतिरिक्त वेटेज दिया जाए।
इसी के साथ अदालत ने याचिका का निस्तारण कर दिया और राज्य सरकार को ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए प्रभावी आरक्षण ढांचा तैयार करने की दिशा में कदम उठाने को कहा।

