राजस्थान हाईकोर्ट ने छुट्टी के दिन सुनवाई की और नगर पालिका चुनाव से कुछ घंटे पहले उम्मीदवार को गिरफ्तारी से बचाया
Shahadat
23 Sept 2026 9:11 AM IST

अजमेर के केकड़ी नगर पालिका बोर्ड के चेयरमैन पद के लिए तय चुनाव से कुछ घंटे पहले राजस्थान हाईकोर्ट ने सोमवार (21 सितंबर) को चुनाव लड़ रहे उम्मीदवार को गिरफ्तारी से अंतरिम सुरक्षा दी। उम्मीदवार को डर है कि उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा और चुनाव में हिस्सा लेने से रोक दिया जाएगा।
इस याचिका पर सार्वजनिक अवकाश के दिन सुनवाई हुई।
जस्टिस अनूप कुमार ढांड ने कहा कि जब नागरिकों के मौलिक और कानूनी अधिकारों की रक्षा के लिए तुरंत दखल की ज़रूरत हो तो न्याय के मंदिर के दरवाज़े बंद नहीं रह सकते।
आगे कहा गया,
"न्याय प्रशासन को छुट्टियों की वजह से रोका नहीं जा सकता, क्योंकि जब किसी नागरिक की आज़ादी, ज़िंदगी और अधिकारों का सवाल हो तो न्याय में देरी नहीं की जा सकती... अदालतें नागरिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए हमेशा सतर्क रहती हैं, इसलिए जब कोई नागरिक अपनी शिकायत के समाधान के लिए अदालत आता है तो अदालतें छुट्टी के दिन भी अपनी आँखें या दरवाज़े बंद नहीं कर सकतीं।"
बता दें, याचिकाकर्ता उन चुनावों में उम्मीदवार था जो 21 सितंबर, 2026 को सुबह 10 बजे होने वाले थे। हालांकि, उससे एक रात पहले एक वार्ड सदस्य ने ज़िला चुनाव अधिकारी के पास उसके ख़िलाफ़ शिकायत दर्ज कराई। आरोप है कि याचिकाकर्ता बोर्ड के सदस्यों को अपने पक्ष में वोट देने के लिए रिश्वत या फ़ायदा देने की पेशकश कर रहा है।
इसके अलावा, याचिकाकर्ता ने बताया कि पुलिस उसके घर के बाहर उसे पकड़ने और चुनाव लड़ने से रोकने के लिए तैनात थी। इसलिए अंतरिम सुरक्षा की मांग करते हुए याचिका दायर की गई।
इसके विपरीत, राज्य ने तर्क दिया कि याचिका बिना किसी शिकायत या FIR की कॉपी के सिर्फ़ आशंका के आधार पर दायर की गई। तर्क दिया गया कि अदालत सिर्फ़ आशंका के आधार पर 'रिट ऑफ़ मैंडमस' (आदेश) जारी नहीं कर सकती। वकील ने यह भी कहा कि चूंकि चुनाव प्रक्रिया शुरू हो चुकी थी, इसलिए अदालत को दखल देने से रोका गया।
तर्कों को सुनने और तथ्यों पर विचार करने के बाद - जिसमें यह बात भी शामिल थी कि पुलिस सचमुच याचिकाकर्ता के घर के बाहर तैनात थी - अदालत ने माना कि इस बात की पूरी संभावना थी कि याचिकाकर्ता को गिरफ़्तार किया जा सकता था और उसे चुनाव लड़ने से रोका जा सकता।
इसलिए अंतरिम निर्देश जारी किए गए, जिसमें याचिकाकर्ता को सुरक्षा दी गई और अगली तारीख़ तक उसके ख़िलाफ़ कोई भी ज़बरदस्ती वाली कार्रवाई करने पर रोक लगा दी गई।
इस मामले की अगली सुनवाई 7 अक्टूबर, 2026 को होगी।
Title: Anil Mittal v State of Rajasthan & Ors.

