गलत Answer Key और प्रश्नों से प्रभावित हो रही भर्ती प्रक्रिया, राजस्थान हाईकोर्ट ने SOP बनाने के दिए निर्देश
Praveen Mishra
3 Jun 2026 3:25 PM IST

राजस्थान हाईकोर्ट ने सार्वजनिक भर्ती परीक्षाओं में बार-बार सामने आ रही गलत उत्तर कुंजी (Answer Key) और त्रुटिपूर्ण प्रश्नों पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए राज्य सरकार को वरिष्ठ IAS अधिकारियों की एक उच्च स्तरीय समिति गठित करने का निर्देश दिया है। अदालत ने कहा कि समिति भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता, जवाबदेही और शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए एक मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) तैयार करे।
जस्टिस आनंद शर्मा की पीठ शिक्षक ग्रेड-III लेवल-II भर्ती 2022 से जुड़े मामलों की सुनवाई कर रही थी। याचिकाकर्ताओं का कहना था कि संशोधित उत्तर कुंजी के आधार पर उनके अंक पहले से नियुक्त कुछ अभ्यर्थियों से अधिक हो गए हैं, इसलिए उन्हें नियुक्ति दी जानी चाहिए।
अदालत ने राज्य सरकार को उपलब्ध रिक्तियों का आकलन कर पात्र याचिकाकर्ताओं को नियुक्ति देने का निर्देश दिया। हालांकि, कोर्ट ने स्पष्ट किया कि मूल उत्तर कुंजी के आधार पर पहले से नियुक्त उम्मीदवारों की सेवाएं केवल उत्तर कुंजी में बाद में हुए संशोधन के कारण समाप्त नहीं की जाएंगी, क्योंकि उनकी कोई गलती नहीं थी।
हाईकोर्ट ने कहा कि आज के समय में बेरोजगारी गंभीर समस्या बन चुकी है और प्रतियोगी परीक्षाओं में एक-एक अंक सैकड़ों उम्मीदवारों का भविष्य तय कर सकता है। ऐसे में प्रश्नपत्र और उत्तर कुंजी तैयार करते समय भर्ती एजेंसियों को अत्यधिक सावधानी और सटीकता बरतनी चाहिए।
कोर्ट ने कहा कि गलत प्रश्नों और त्रुटिपूर्ण उत्तर कुंजियों के कारण न केवल अनावश्यक मुकदमेबाजी बढ़ती है, बल्कि मेधावी उम्मीदवारों के करियर पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है और भर्ती प्रक्रिया की निष्पक्षता पर जनता का विश्वास कमजोर होता है।
अदालत ने मुख्य सचिव को निर्देश दिया कि कार्मिक विभाग के सचिव की अध्यक्षता में वरिष्ठ IAS अधिकारियों की समिति गठित की जाए, जो भविष्य में ऐसी त्रुटियों को रोकने के उपाय सुझाए। समिति यह भी जांच करेगी कि लापरवाही से गलत प्रश्नपत्र या उत्तर कुंजी तैयार करने वाले अधिकारियों और विशेषज्ञों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है या नहीं।
कोर्ट ने राज्य सरकार को तीन महीने के भीतर अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश देते हुए याचिकाओं का निस्तारण कर दिया।

