बराबरी वालों में ही हो प्रतिस्पर्धा: राजस्थान हाईकोर्ट ने होमगार्ड भर्ती पर दिया अहम फैसला
Amir Ahmad
13 April 2026 12:30 PM IST

राजस्थान हाईकोर्ट ने होमगार्ड भर्ती से जुड़े मामले में महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए कहा कि प्रतिस्पर्धा हमेशा समान स्तर के उम्मीदवारों के बीच ही होनी चाहिए न कि अनुभवी और नए उम्मीदवारों को एक साथ खड़ा किया जाए।
जस्टिस मुनुरी लक्ष्मण ने यह फैसला उन याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए दिया, जिनमें होमगार्ड विभाग के स्वयंसेवकों ने अपनी कथित मौखिक सेवामुक्ति को चुनौती दी थी।
याचिकाकर्ताओं का कहना था कि वे पहले से होमगार्ड विभाग में स्वयंसेवक के रूप में कार्य कर चुके हैं और उन्हें नए भर्ती प्रक्रिया में प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने यह भी तर्क दिया कि उनकी स्क्रीनिंग केवल उनके बीच ही होनी चाहिए थी न कि नए उम्मीदवारों के साथ।
अदालत ने इस तर्क को स्वीकार करते हुए कहा,
“प्रतिस्पर्धा बराबरी के आधार पर होनी चाहिए। अनुभवी स्वयंसेवकों को नए उम्मीदवारों के साथ प्रतिस्पर्धा में डालना उचित नहीं है।”
हाईकोर्ट ने कहा कि यदि सरकार होमगार्ड विभाग में भर्ती करने का निर्णय लेती है तो पहले उन स्वयंसेवकों की स्क्रीनिंग की जानी चाहिए जो पहले से अनुभव रखते हैं। यदि वे पात्र पाए जाते हैं तो उन्हें सेवा में लिया जाना चाहिए।
हालांकि, अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि केवल स्क्रीनिंग का अधिकार मिलने से नियुक्ति का स्वतः अधिकार नहीं बनता लेकिन विचार किए जाने का अधिकार याचिकाकर्ताओं को अवश्य है।
अदालत ने निर्देश दिया कि स्क्रीनिंग प्रक्रिया केवल याचिकाकर्ताओं के बीच ही की जाए और उसके बाद योग्य पाए जाने वालों को नियुक्ति दी जाए।

