गुरु ग्रंथ साहिब के 'गायब' सरूप मामले में SGPC के पूर्व सचिव को अग्रिम जमानत: पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट

Praveen Mishra

1 April 2026 4:24 PM IST

  • गुरु ग्रंथ साहिब के गायब सरूप मामले में SGPC के पूर्व सचिव को अग्रिम जमानत: पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट

    पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) के पूर्व सचिव को 328 पवित्र 'सरूप' (गुरु ग्रंथ साहिब की प्रतियों के कथित रूप से गायब होने के मामले में अग्रिम जमानत दे दी है।

    अदालत ने कहा कि प्रथम दृष्टया आरोपों से यह प्रतीत नहीं होता कि याचिकाकर्ता किसी गबन या धार्मिक ग्रंथों के अपमान में शामिल था।

    जस्टिस मनीषा बत्रा की पीठ ने अपने आदेश में कहा कि याचिकाकर्ता के खिलाफ आरोप मुख्यतः लापरवाही से जुड़े हैं, न कि किसी आपराधिक मंशा या हेराफेरी से। कोर्ट ने यह भी नोट किया कि कथित घटनाएं वर्ष 2011 से 2016 के बीच की हैं, जबकि FIR वर्ष 2025 में दर्ज की गई, जिसके लिए कोई संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं दिया गया।

    यह मामला IPC की विभिन्न धाराओं जैसे 295, 295A, 408, 465 और 120B तथा संबंधित धार्मिक कानूनों के तहत दर्ज किया गया था। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि SGPC की निगरानी में रखे गए 328 सरूप 2016 में गायब पाए गए।

    अदालत ने यह भी महत्वपूर्ण तथ्य दर्ज किया कि FIR SGPC द्वारा नहीं, बल्कि एक तीसरे पक्ष द्वारा दर्ज कराई गई थी, जबकि यह मामला लंबे समय से SGPC के संज्ञान में था। साथ ही, अदालत ने पाया कि मामले में साक्ष्य मुख्य रूप से दस्तावेजी प्रकृति के हैं, इसलिए याचिकाकर्ता की हिरासत में पूछताछ आवश्यक नहीं है।

    याचिकाकर्ता ने अदालत के समक्ष कहा कि उसे गलत तरीके से फंसाया गया है और कथित घटनाओं के समय उसका संबंधित विभाग से कोई सीधा संबंध नहीं था। वहीं, राज्य ने मामले की गंभीरता का हवाला देते हुए जमानत का विरोध किया।

    सभी तथ्यों और परिस्थितियों को देखते हुए हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता को जांच में सहयोग करने का निर्देश देते हुए अग्रिम जमानत प्रदान की। अदालत ने स्पष्ट किया कि यह टिप्पणियां केवल जमानत याचिका के निपटारे तक सीमित हैं और मामले के गुण-दोष पर कोई अंतिम राय नहीं हैं।

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