'हनी ट्रैप का शिकार था तो भी एयरफोर्स स्टेशन की तस्वीरें क्यों भेजीं?' हाईकोर्ट ने जमानत खारिज की

  • हनी ट्रैप का शिकार था तो भी एयरफोर्स स्टेशन की तस्वीरें क्यों भेजीं? हाईकोर्ट ने जमानत खारिज की

    पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने Official Secrets Act और BNS की धारा 152 के तहत आरोपी एक व्यक्ति की जमानत याचिका खारिज कर दी। आरोपी पर अंबाला कैंट एयरफोर्स स्टेशन और Rafale विमानों की तस्वीरें पाकिस्तान में मौजूद एक महिला को भेजने का आरोप है।

    जस्टिस विक्रम अग्रवाल ने कहा कि भले ही आरोपी हनी ट्रैप का शिकार हुआ हो, लेकिन किसी अज्ञात व्यक्ति को एयरफोर्स स्टेशन और Rafale की तस्वीरें भेजने का कोई औचित्य नहीं था। ऐसे में जांच एजेंसियों का इसे जासूसी का मामला मानना उचित था।

    आरोपी को 2 जनवरी 2026 को गुप्त सूचना के आधार पर गिरफ्तार किया गया था। जांच में सामने आया कि वह पाकिस्तान से जुड़े मोबाइल नंबरों से महिला के संपर्क में था और उसने एयरफोर्स स्टेशन व आसपास के सैन्य क्षेत्र की तस्वीरें साझा की थीं।

    बचाव पक्ष ने दलील दी कि तस्वीरें Google पर उपलब्ध थीं और आरोपी खुद हनी ट्रैप का शिकार था। वहीं, राज्य ने बताया कि फॉरेंसिक जांच में फोन से कई तस्वीरें डिलीट मिली हैं।

    कोर्ट ने कहा कि जांच पूरी होने और लंबे समय तक हिरासत में रहने मात्र से जमानत नहीं दी जा सकती। कोर्ट ने अंबाला एयरफोर्स स्टेशन को रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण बताते हुए जमानत याचिका खारिज कर दी। हालांकि, कोर्ट ने स्पष्ट किया कि उसकी टिप्पणियां मामले के अंतिम मेरिट पर राय नहीं हैं।

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    Praveen Mishra

    प्रवीण मिश्रा Law Graduate हैं और लाइव लॉ हिंदी से जुड़े हैं। वे सुप्रीम कोर्ट, उच्च न्यायालयों, उपभोक्ता आयोगों और अन्य न्यायिक मंचों के महत्वपूर्ण फैसलों एवं कानूनी घटनाक्रमों पर लेखन करते हैं। उनका उद्देश्य जटिल कानूनी विषयों और न्यायिक निर्णयों को सरल, सटीक और तथ्यपरक भाषा में हिंदी पाठकों तक पहुंचाना है।

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