पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने अवमानना मामले में पेश होने के लिए IAS अधिकारी के खिलाफ जमानती वारंट जारी किया, स्थगन के लिए 10 हजार का जुर्माना लगाया

  • पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने अवमानना मामले में पेश होने के लिए IAS अधिकारी के खिलाफ जमानती वारंट जारी किया, स्थगन के लिए 10 हजार का जुर्माना लगाया

    पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने एक आईएएस अधिकारी के खिलाफ जमानती वारंट जारी किया है ताकि वह हाईकोर्ट के आदेश का उल्लंघन करने और एक भूखंड के निर्माण में "अवैध बाधा" पैदा करने के लिए एक व्यक्ति द्वारा दायर अवमानना याचिका में उसकी उपस्थिति सुनिश्चित कर सके।

    जस्टिस राजबीर सहरावत ने कहा, ''सुनवाई की अगली तारीख पर इस अदालत के समक्ष प्रतिवादी (संगीता तेतरवाल, आईएएस आयुक्त नगर निगम अंबाला) की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए उनके खिलाफ जमानती वारंट जारी किया जाए, जिसे संबंधित क्षेत्र के एसएचओ के माध्यम से निष्पादित किया जाएगा।

    कोर्ट ने कहा कि न तो अधिकारी द्वारा अनुपालन रिपोर्ट दायर की गई है और न ही अदालत के समक्ष उसका प्रतिनिधित्व किया गया है, जबकि हरियाणा के महाधिवक्ता के कार्यालय द्वारा उसे पहले ही उचित सूचना भेजी जा चुकी है।

    यह देखते हुए कि प्रतिवादी की चूक के कारण वर्तमान स्थगन का अवसर दिया गया था, कोर्ट ने पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट वकील कल्याण कोष में जमा करने के लिए 10,000 रुपये की लागत लगाई।

    याचिका में कहा गया है कि हाईकोर्ट ने दिसंबर 2023 के आदेश द्वारा रिट याचिका का निपटारा करते हुए आयुक्त, नगर निगम, अंबाला को निर्देश दिया कि याचिकाकर्ता द्वारा दायर प्रतिनिधित्व पर फैसला करने के लिए उसे व्यक्तिगत सुनवाई के साथ-साथ चार सप्ताह के भीतर बोलने का आदेश पारित किया जाए। हालांकि, यह कहा गया कि आज तक आदेश के अनुपालन में कोई और कार्रवाई नहीं की गई थी।

    याचिका में कहा गया है कि हाईकोर्ट द्वारा पारित आदेश का जानबूझकर उल्लंघन किया जा रहा है जो कोर्ट की अवमानना है।

    मामले की अगली सुनवाई 19 सितंबर को होगी।

    Praveen Mishra

    प्रवीण मिश्रा Law Graduate हैं और लाइव लॉ हिंदी से जुड़े हैं। वे सुप्रीम कोर्ट, उच्च न्यायालयों, उपभोक्ता आयोगों और अन्य न्यायिक मंचों के महत्वपूर्ण फैसलों एवं कानूनी घटनाक्रमों पर लेखन करते हैं। उनका उद्देश्य जटिल कानूनी विषयों और न्यायिक निर्णयों को सरल, सटीक और तथ्यपरक भाषा में हिंदी पाठकों तक पहुंचाना है।

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