रेलवे की छवि खराब करने की अफवाह फैलाने के आरोप में यूट्यूबर मनीष कश्यप को हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत

  • रेलवे की छवि खराब करने की अफवाह फैलाने के आरोप में यूट्यूबर मनीष कश्यप को हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत

    पटना हाईकोर्ट ने भारतीय रेलवे की छवि खराब करने के आरोप में दर्ज एफआईआर के मामले में यूट्यूबर मनीष कश्यप को अग्रिम जमानत दे दी।

    आरोप था कि कश्यप ने 'X' पर एक वीडियो पोस्ट किया था, जिसमें रेलवे ट्रैक पर फिश-प्लेट्स के बीच पत्थर डाले जाने का दावा किया गया था।

    जस्टिस चंद्र शेखर झा की बेंच ने कहा कि कश्यप ने वीडियो सोशल मीडिया से प्राप्त होने के बाद बिना किसी बदलाव के रेलवे मंत्रालय को टैग करते हुए केवल जानकारी देने के उद्देश्य से अपलोड किया था।

    कश्यप पर BNS की कई धाराओं और IT Act की धारा 66 व 66(F) के तहत मामला दर्ज है।

    उनका कहना था कि यदि उनका उद्देश्य अफवाह फैलाना होता, तो वे इसे अपने फेसबुक अकाउंट पर डालते, जहाँ उनके 5.2 मिलियन फॉलोअर्स हैं, और चूंकि एफआईआर में किसी आपराधिक मंशा का उल्लेख नहीं है, उन्होंने केवल अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का प्रयोग किया।

    राज्य ने जमानत का विरोध किया, पर हाईकोर्ट ने कहा कि वीडियो उसी रूप में पोस्ट किया गया था जैसा प्राप्त हुआ था, और इसे रेलवे मंत्रालय की जानकारी के लिए डाला गया था।

    अदालत ने निर्देश दिया कि यदि कश्यप चार सप्ताह के भीतर गिरफ्तारी या आत्मसमर्पण करते हैं, तो उन्हें ₹10,000 के मुचलके और दो जमानतदारों पर रिहा किया जाए।

    Praveen Mishra

    प्रवीण मिश्रा Law Graduate हैं और लाइव लॉ हिंदी से जुड़े हैं। वे सुप्रीम कोर्ट, उच्च न्यायालयों, उपभोक्ता आयोगों और अन्य न्यायिक मंचों के महत्वपूर्ण फैसलों एवं कानूनी घटनाक्रमों पर लेखन करते हैं। उनका उद्देश्य जटिल कानूनी विषयों और न्यायिक निर्णयों को सरल, सटीक और तथ्यपरक भाषा में हिंदी पाठकों तक पहुंचाना है।

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