पति के जीवित रहते मंगलसूत्र हटाना मानसिक क्रूरता, तलाक का आदेश बरकरार: मद्रास हाईकोर्ट

  • पति के जीवित रहते मंगलसूत्र हटाना मानसिक क्रूरता, तलाक का आदेश बरकरार: मद्रास हाईकोर्ट

    मद्रास हाईकोर्ट ने कहा है कि पति के जीवित रहते हिंदू पत्नी द्वारा थाली (मंगलसूत्र) हटाना पति के प्रति मानसिक क्रूरता माना जा सकता है। जस्टिस पी. वडामलाई ने पति को दिए गए तलाक के आदेश को बरकरार रखते हुए पत्नी की दूसरी अपील खारिज कर दी।

    मामला 1977 में विवाह करने वाले एक दंपति से जुड़ा था। पति ने आरोप लगाया था कि पत्नी लगातार उस पर अन्य महिलाओं से अवैध संबंध रखने के आरोप लगाती रही, उसके वरिष्ठ अधिकारियों को शिकायतें भेजती रही और बाद में ईसाई धर्म भी अपना लिया।

    पत्नी ने इन आरोपों से इनकार करते हुए पति पर प्रताड़ना और अन्य महिलाओं से संबंध रखने के आरोप लगाए।

    अदालत ने पाया कि पत्नी ने अपने साक्ष्य में स्वीकार किया था कि उसने थाली हटा दी है। कोर्ट ने कहा कि हिंदू परंपरा में थाली वैवाहिक जीवन का पवित्र प्रतीक है और इसे हटाना पति की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला कृत्य है।

    अदालत ने यह भी कहा कि रिकॉर्ड पर मौजूद साक्ष्यों को देखते हुए पत्नी के ईसाई धर्म अपनाने के आरोप को पूरी तरह खारिज नहीं किया जा सकता।

    हाईकोर्ट ने यह भी माना कि पत्नी द्वारा पति के वरिष्ठ अधिकारियों को उसके खिलाफ शिकायतें भेजना मानसिक क्रूरता का आधार है।

    इन परिस्थितियों में अदालत ने कहा कि पति क्रूरता साबित करने में सफल रहा है और निचली अदालतों द्वारा दिया गया तलाक का आदेश सही है।

    Praveen Mishra

    प्रवीण मिश्रा Law Graduate हैं और लाइव लॉ हिंदी से जुड़े हैं। वे सुप्रीम कोर्ट, उच्च न्यायालयों, उपभोक्ता आयोगों और अन्य न्यायिक मंचों के महत्वपूर्ण फैसलों एवं कानूनी घटनाक्रमों पर लेखन करते हैं। उनका उद्देश्य जटिल कानूनी विषयों और न्यायिक निर्णयों को सरल, सटीक और तथ्यपरक भाषा में हिंदी पाठकों तक पहुंचाना है।

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