भोपाल के पास 488 पेड़ों की बिना अनुमति कटाई पर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान लिया

Praveen Mishra

30 Oct 2025 8:33 PM IST

  • भोपाल के पास 488 पेड़ों की बिना अनुमति कटाई पर मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने स्वतः संज्ञान लिया

    मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने बुधवार (29 अक्टूबर) को टाइम्स ऑफ इंडिया में प्रकाशित एक समाचार रिपोर्ट पर स्वतः संज्ञान (suo motu cognizance) लिया, जिसमें यह बताया गया था कि लोक निर्माण विभाग (PWD) ने भोपाल के पास 488 पेड़ बिना आवश्यक अनुमति लिए काट दिए थे।

    अदालत ने इस क्षेत्र में किसी भी प्रकार की आगे की पेड़ों की कटाई या छंटाई पर रोक लगाई है, जब तक कि राज्य द्वारा नियुक्त समिति और वृक्ष अधिकारी की अनुमति न मिल जाए।

    न्यायालय ने समाचार रिपोर्ट पर गंभीर चिंता व्यक्त की, जिसमें बताया गया था कि PWD ने कानून के तहत आवश्यक 9-सदस्यीय राज्य सरकार समिति या वृक्ष अधिकारी से स्वीकृति नहीं ली थी, बल्कि यह अनुमति रायसेन के अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी (ADM) द्वारा दी गई थी।

    रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) की केंद्रीय पीठ ने राज्य सरकार को नीलबाड़ क्षेत्र में स्टेडियम निर्माण और सड़क चौड़ीकरण के लिए पेड़ों की कटाई से संबंधित मामलों के लिए एक समिति गठित करने का निर्देश दिया था।

    चीफ़ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय साराफ की खंडपीठ ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा:

    "लेख एक चौंकाने वाली स्थिति को दर्शाता है, जहां 488 पेड़ काटे जा रहे हैं, जबकि राष्ट्रीय हरित अधिकरण ने ऐसी कार्रवाई से इंकार किया है और इस न्यायालय ने भी बार-बार आदेश दिए हैं। अतः हम PWD की इस कार्रवाई पर स्वतः संज्ञान लेते हैं और रजिस्ट्री को निर्देश देते हैं कि इस पर एक स्वतः संज्ञान याचिका दर्ज की जाए।"

    राज्य सरकार समेत PWD को नोटिस जारी करते हुए, न्यायालय ने अधिवक्ता अमल पुष्प श्रोती को न्यायालय की सहायता के लिए amicus curiae नियुक्त किया।

    खंडपीठ ने PWD को निर्देश दिया कि वे एक हलफनामा दाखिल करें, जिसमें यह बताया जाए कि परियोजना के लिए अब तक कितने पेड़ काटे जा चुके हैं और आगे कितने पेड़ काटने का प्रस्ताव है।

    इसके अलावा, न्यायालय ने यह भी निर्देश दिया कि PWD बताए कि क्या पेड़ों की कटाई के लिए राज्य द्वारा गठित विशेष समिति या वृक्ष अधिकारी से अनुमति प्राप्त की गई थी या नहीं।

    अदालत ने आगे निर्देश दिया, "हम आगे निर्देश देते हैं कि अगली सुनवाई की तिथि तक किसी भी पेड़ की कटाई या छंटाई नहीं की जाएगी, सिवाय इसके कि यह कार्य समिति और वृक्ष अधिकारी द्वारा Madhya Pradesh Protection of Trees Act (Urban), 2001 के तहत दी गई अनुमति के अनुसार हो।"

    मामले की अगली सुनवाई 4 नवंबर, 2025 को निर्धारित की गई है।

    Praveen Mishra

    Praveen Mishra

    प्रवीण मिश्रा Law Graduate हैं और लाइव लॉ हिंदी से जुड़े हैं। वे सुप्रीम कोर्ट, उच्च न्यायालयों, उपभोक्ता आयोगों और अन्य न्यायिक मंचों के महत्वपूर्ण फैसलों एवं कानूनी घटनाक्रमों पर लेखन करते हैं। उनका उद्देश्य जटिल कानूनी विषयों और न्यायिक निर्णयों को सरल, सटीक और तथ्यपरक भाषा में हिंदी पाठकों तक पहुंचाना है।

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