WhatsApp अकाउंट ब्लॉक करने के खिलाफ बार एसोसिएशन प्रेसिडेंट की याचिका पर हाईकोर्ट ने केंद्र से मांगा जवाब

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    मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के प्रेसिडेंट की उस याचिका पर केंद्र सरकार से जवाब मांगा, जिसमें उनके WhatsApp अकाउंट को ब्लॉक करने को चुनौती दी गई।

    जस्टिस विशाल मिश्रा की बेंच ने केंद्र सरकार के वकील को इस मामले में निर्देश लेने के लिए समय दिया। कोर्ट ने याचिकाकर्ता को यह भी निर्देश दिया कि वह याचिका की एक कॉपी Meta Inc. (जो WhatsApp की मालिक और ऑपरेटर है) के वकील को भेजे।

    इस मामले की सुनवाई 12 अक्टूबर, 2026 को होगी।

    याचिका के अनुसार, याचिकाकर्ता कई सालों से WhatsApp का इस्तेमाल अपने मुख्य बिज़नेस और प्रोफेशनल काम के लिए कर रहे थे। WhatsApp ने बिना किसी पूर्व सूचना के उस नंबर को ब्लॉक कर दिया। इसके बाद याचिकाकर्ता ने 23 अगस्त, 2026 को कानूनी शिकायत निवारण प्रक्रिया के तहत औपचारिक रूप से इन-ऐप रिव्यू के लिए आवेदन किया, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। बताया गया है कि IT नियम, 2021 के नियम 3(2) के तहत तय समय-सीमा के भीतर उन्हें ब्लॉक करने का कारण नहीं बताया गया।

    बताया गया कि ऑनलाइन कानूनी कामकाज में भारी रुकावट के कारण याचिकाकर्ता को एक दूसरा नंबर लेना पड़ा। हालांकि, उस दूसरे नंबर पर भी रोक लगाई गई और उसे सस्पेंड कर दिया गया। इसके बाद याचिकाकर्ता ने 2 सितंबर, 2026 को WhatsApp को औपचारिक नोटिस भेजा, जिसमें अकाउंट को तुरंत बहाल करने और तकनीकी जानकारी देने की मांग की गई।

    याचिका के अनुसार, नोटिस भेजने के बाद भी WhatsApp ने न तो एक्सेस बहाल किया और न ही अपनी कार्रवाई का कोई कारण बताया।

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