वीसी सुनवाई के दौरान अंडरपैंट में उपस्थित हुए सरकारी अधिकारी: हाईकोर्ट ने लगाई फटकार, अनुशासनात्मक कार्रवाई का आदेश
Shahadat
28 Oct 2026 7:42 PM IST

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने राज्य अधिकारी को अपने बिस्तर से अपनी शर्ट बंद करके और अपने जांघिया में वर्चुअल मोड के माध्यम से अदालत की सुनवाई में उपस्थित होने के लिए फटकार लगाई।
यह टिप्पणी करते हुए कि अधिकारी "कदाचार का दोषी है और उसने इस अदालत की अवमानना की", जस्टिस दीपक खोत की पीठ ने अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया।
कोर्ट ने कहा,
"इस न्यायालय ने दिनांक 09.10.2026 के आदेश के तहत प्रतिवादी को अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया, जिसमें विफल रहने पर उसकी उपस्थिति का निर्देश दिया गया। प्रतिवादी सुबह के सत्र में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अपने बिस्तर से शर्ट के बटन बंद करके और अंडरपैंट में उपस्थित हुआ। प्रतिवादी- अवमाननाकर्ता का यह आचरण अदालत की मर्यादा के अनुरूप नहीं है और अवमाननापूर्ण है, इसलिए यह अदालत यह मानने के लिए मजबूर है कि प्रतिवादी- अवमाननाकर्ता कदाचार का दोषी है और उसने इस अदालत की अवमानना की।"
डिप्टी एडवोकेट जनरल स्वप्निल गांगुली के आश्वासन पर कि मामले को उच्च अधिकारी के समक्ष उठाया जाएगा और अधिकारी के खिलाफ उचित अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी, अदालत ने निर्देश दिया,
"डिप्टी एडवोकेट जनरल स्वप्निल गांगुली द्वारा दिए गए आश्वासन पर विचार करते हुए यह निर्देशित किया जाता है कि प्रतिवादी-अवमाननाकर्ता के खिलाफ उचित अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की जाए और इस न्यायालय के समक्ष चार सप्ताह के भीतर रिपोर्ट दाखिल की जाए। प्रतिवादी-अवमाननाकर्ता को यह बताने का भी निर्देश दिया जाता है कि कार्यवाही के दौरान उनके द्वारा दिखाए गए अशोभनीय आचरण के लिए उनके खिलाफ आपराधिक अवमानना कार्यवाही क्यों नहीं शुरू की जाए। जवाब भी चार सप्ताह के भीतर दाखिल किया जाए।"
अधिकारी, जो भोपाल में टाउन एंड कंट्री प्लानिंग के संयुक्त निदेशक हैं, भूमि उपयोग में बदलाव के लिए एक याचिका में उपस्थित हो रहे थे।
Case Title : GBS Construction v Amit Kumar Gajbhiye

