IPL सट्टेबाजी मामले में FIR रद्द करने से MP हाईकोर्ट का इनकार, कहा- सह-आरोपी को मिली राहत का लाभ अपने आप नहीं मिलेगा

Praveen Mishra

13 Aug 2026 4:49 PM IST

  • IPL सट्टेबाजी मामले में FIR रद्द करने से MP हाईकोर्ट का इनकार, कहा- सह-आरोपी को मिली राहत का लाभ अपने आप नहीं मिलेगा

    मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने कथित IPL सट्टेबाजी से जुड़े मामले में एक आरोपी के खिलाफ दर्ज FIR रद्द करने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने कहा कि केवल इसलिए आरोपी को राहत नहीं दी जा सकती क्योंकि सह-आरोपी की FIR पहले रद्द की जा चुकी है।

    जस्टिस हिमांशु जोशी ने कहा कि Parity के सिद्धांत को यांत्रिक तरीके से लागू नहीं किया जा सकता, जब आरोपियों की भूमिका और उनके खिलाफ उपलब्ध साक्ष्यों का अलग-अलग मूल्यांकन जरूरी हो।

    मामले में पुलिस ने कथित अवैध IPL सट्टेबाजी की सूचना पर छापेमारी की थी। जांच के दौरान करीब ₹21 लाख नकद और अन्य सामग्री बरामद हुई। अभियोजन के अनुसार, जांच में सट्टेबाजी के लिए शेल कंपनियों के इस्तेमाल की बात सामने आई और सह-आरोपियों के बयानों से याचिकाकर्ता की कथित भूमिका भी सामने आई।

    याचिकाकर्ता ने दलील दी कि सह-आरोपी संजय सनपाल की FIR हाईकोर्ट पहले ही रद्द कर चुका है, इसलिए उसे भी समान राहत मिलनी चाहिए।

    हालांकि, हाईकोर्ट ने कहा कि संजय सनपाल को राहत उसके खिलाफ उपलब्ध विशेष तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर दी गई थी। याचिकाकर्ता यह साबित नहीं कर सका कि उसके खिलाफ सामग्री पूरी तरह समान है।

    कोर्ट ने कहा कि FIR और चार्जशीट में सट्टेबाजी, नकद बरामदगी और कंपनी से जुड़े दस्तावेजों सहित प्रथम दृष्टया पर्याप्त सामग्री मौजूद है।

    इस आधार पर हाईकोर्ट ने FIR रद्द करने की याचिका खारिज कर दी।

    Praveen Mishra

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    प्रवीण मिश्रा Law Graduate हैं और लाइव लॉ हिंदी से जुड़े हैं। वे सुप्रीम कोर्ट, उच्च न्यायालयों, उपभोक्ता आयोगों और अन्य न्यायिक मंचों के महत्वपूर्ण फैसलों एवं कानूनी घटनाक्रमों पर लेखन करते हैं। उनका उद्देश्य जटिल कानूनी विषयों और न्यायिक निर्णयों को सरल, सटीक और तथ्यपरक भाषा में हिंदी पाठकों तक पहुंचाना है।

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