कर्नाटक हाईकोर्ट ने यौन उत्पीड़न मामले में प्रज्जवल रेवन्ना की अग्रिम जमानत याचिका खारिज की

  • कर्नाटक हाईकोर्ट ने यौन उत्पीड़न मामले में प्रज्जवल रेवन्ना की अग्रिम जमानत याचिका खारिज की

    कर्नाटक हाईकोर्ट ने शुक्रवार को बलात्कार और यौन उत्पीड़न के आरोपों में गिरफ्तार जनता दल (एस) के निलंबित नेता प्रज्वल रेवन्ना की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी।

    जस्टिस एम नागप्रसन की एकल पीठ ने आदेश सुनाते हुए जमानत याचिका खारिज की।

    याचिका में प्रार्थना की गई है कि उनकी गिरफ्तारी की स्थिति में, रेवन्ना को जमानत पर रिहा किया जाए।

    रेवन्ना पर आईपीसी की धारा 376 (2) n (एक ही महिला के साथ बार-बार बलात्कार करना), 376 (2) k (महिला पर प्रभुत्व या नियंत्रण की स्थिति में रहते हुए बलात्कार), 506 (आपराधिक धमकी), 354 (a) (यौन उत्पीड़न), 354 b (महिला पर हमला या आपराधिक बल का उपयोग), 354 c (ताकक करने) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66 e (निजता के उल्लंघन के लिए सजा) सहित विभिन्न अपराधों के लिए आरोप लगाए गए हैं।

    सेशन जज ने इससे पहले 12 जून को इसी तरह की प्राथमिकी में रेवन्ना की जमानत याचिका खारिज कर दी थी।

    Praveen Mishra

    प्रवीण मिश्रा Law Graduate हैं और लाइव लॉ हिंदी से जुड़े हैं। वे सुप्रीम कोर्ट, उच्च न्यायालयों, उपभोक्ता आयोगों और अन्य न्यायिक मंचों के महत्वपूर्ण फैसलों एवं कानूनी घटनाक्रमों पर लेखन करते हैं। उनका उद्देश्य जटिल कानूनी विषयों और न्यायिक निर्णयों को सरल, सटीक और तथ्यपरक भाषा में हिंदी पाठकों तक पहुंचाना है।

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