कर्नाटक हाइकोर्ट ने बाइक टैक्सी पर रोक हटाई, राज्य सरकार शर्तें लगाने के लिए स्वतंत्र

Amir Ahmad

23 Jan 2026 12:08 PM IST

  • कर्नाटक हाइकोर्ट ने बाइक टैक्सी पर रोक हटाई, राज्य सरकार शर्तें लगाने के लिए स्वतंत्र

    कर्नाटक हाइकोर्ट ने राज्य में बाइक टैक्सी सेवाओं पर लगी रोक को हटा दिया। शुक्रवार (23 जनवरी) को हाइकोर्ट की डिवीजन बेंच ने ओला, उबर, रैपिडो समेत अन्य एग्रीगेटर कंपनियों की अपीलों को स्वीकार करते हुए एकल जज का आदेश रद्द कर दिया।

    यह मामला उस आदेश के खिलाफ दायर अपीलों से जुड़ा था, जिसमें कहा गया कि जब तक राज्य सरकार मोटर वाहन अधिनियम के तहत आवश्यक दिशा-निर्देश और नियम अधिसूचित नहीं करती, तब तक बाइक टैक्सी नहीं चल सकतीं।

    चीफ जस्टिस विभु बाखरू और जस्टिस सी.एम. जोशी की खंडपीठ ने अपने आदेश में कहा कि वाहन मालिक अपने दोपहिया वाहनों को परिवहन वाहन के रूप में पंजीकरण कराने के लिए आवेदन कर सकते हैं। हाइकोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि ऐसे आवेदनों पर विचार किया जाए और केवल इस आधार पर उन्हें खारिज न किया जाए कि मोटरसाइकिल को परिवहन वाहन या कॉन्ट्रैक्ट कैरिज के रूप में नहीं चलाया जा सकता।

    हाइकोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण कानून के अनुसार आवश्यक शर्तें लगा सकता है। साथ ही एग्रीगेटर कंपनियों को भी नए सिरे से आवेदन करने की छूट दी गई, जिन पर कानून और अदालत की टिप्पणियों के अनुसार विचार किया जाएगा।

    एग्रीगेटर कंपनियों की दलील

    ओला उबर और रैपिडो की ओर से दलील दी गई कि बाइक टैक्सी पर लगाया गया प्रतिबंध संविधान के अनुच्छेद 19(1)(g) के तहत व्यापार करने के मौलिक अधिकार का उल्लंघन है। उनका कहना था कि मोटर वाहन अधिनियम के तहत यदि किसी वाहन का पंजीकरण और परमिट संभव है, तो राज्य सरकार कार्यपालिका आदेश से उसे रोक नहीं सकती।

    राज्य सरकार का पक्ष

    राज्य सरकार ने तर्क दिया कि मोटरसाइकिल को परिवहन वाहन नहीं माना जा सकता। इसका उपयोग किराये पर यात्री ढोने के लिए नहीं किया जाना चाहिए। सरकार ने मोटर वाहन अधिनियम की धारा 67(3) का हवाला देते हुए कहा कि उसे परिवहन योजनाओं और परमिट में संशोधन का अधिकार है।

    एकल जज का पूर्व आदेश

    गौरतलब है कि अप्रैल में एकल जज ने फैसला दिया कि जब तक राज्य सरकार धारा 93 के तहत आवश्यक दिशा-निर्देश जारी नहीं करती, तब तक बाइक टैक्सी सेवाएं संचालित नहीं की जा सकतीं। उस आदेश में 6 सप्ताह के भीतर बाइक टैक्सी बंद करने का निर्देश दिया गया, जिसकी समय-सीमा बढ़ाकर 15 जून, 2025 कर दी गई। इसके अनुसार 16 जून से राज्य में बाइक टैक्सी सेवाएं बंद होनी थीं।

    अब हाइकोर्ट के ताजा फैसले से कर्नाटक में बाइक टैक्सी सेवाओं के संचालन का रास्ता फिर से खुल गया। हालांकि राज्य सरकार आवश्यक शर्तें और नियम लागू कर सकती है।

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